बाजपुर में करीब बीस मीटर बह गए बदरीनाथ हाईवे को सुचारु करने में जुटे बीआरओ के मजदूर।
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बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को चौथे दिन भी वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं खुल पाया है। हाईवे के अवरुद्ध होने से प्रशासन ने बदरीनाथ व हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रा वाहनों को नंदप्रयाग-कोठियालसैंण मोटर मार्ग से निकाला।
चमोली कस्बे के पास चट्टान काटकर सीमा सड़क संगठन के मजदूरों ने हाईवे को वाहनों की आवाजाही लायक बना दिया है। अब बाजपुर में हाईवे को खोलने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने मंगलवार तक बदरीनाथ हाईवे के सुचारु होने का दावा किया है। हाईवे के अवरुद्ध होने से जोशीमठ, गोपेश्वर, पीपलकोटी, गोविंदघाट में दूध, सब्जी की आपूर्ति ठप रही।
जनपद में अब भी 57 सड़कें अवरुद्ध हैं। जबकि 36 पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त हैं। सबसे ज्यादा गांवों को जोड़ने वाली नंदप्रयाग-घाट, बिरही-निजमुला, चमोली-लासी-पलेठी, गोपेश्वर-पोखरी, हापला-धोतीधार, पोखरी-रौता सड़कें बंद होने से ग्रामीण मीलों दूरी पैदल नापकर अपने गंतव्य को पहुंच रहे हैं।
चार लोगों की खोज जारी
घाट ब्लॉक में लापता चल रहे चार लोगों की ढूंढ खोज जारी है। सोमवार को भी एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने नंदाकिनी नदी सहित आसपास के गदेरों में भी लापता लोगों की ढूंढखोज की।
घाट तहसील में जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने आपदा प्रभावित नौ परिवारों को नौ लाख अस्सी हजार रुपये के चेक भी वितरित किए। घाट क्षेत्र में अभी भी बिजली, पानी और संचार की आपूर्ति भी सुचारू नहीं हो पाई है।