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रक्षासूत्र बांधकर वनों की रक्षा का लिया संकल्प

ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली Updated Sat, 26 Mar 2016 10:06 PM IST
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जंगल की रक्षा - फोटो : Amar Ujala
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चिपको आंदोलन की 42वीं वर्षगांठ पर शनिवार को चिपको नैत्री गौरा देवी के गांव रैंणी में गौरा देवी चिपको स्मृति उत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान महिला-पुरुषों ने चिपको आंदोलन में गौरा देवी की सहयोगी रही बाली देवी के नेतृत्व में पौधों पर रक्षासूत्र बांधकर वनों की रक्षा का संकल्प लिया।
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गौरा देवी चिपको स्मृति उत्सव का शुभारंभ बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी को करना था, लेकिन उनके न पहुंचने पर विधायक प्रतिनिधि ठाकुर सिंह राणा ने उत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि गौरा देवी की ओर से चलाया चिपको आंदोलन विश्वभर में विख्यात हुआ, लेकिन आज भी यह क्षेत्र उपेक्षित है।

चिपको आंदोलन में गौरा देवी की सहयोगी रही बाली देवी ने कहा कि चिपको के लिए काम करने वाले लोगों को दशकों बाद भी सम्मान नहीं मिल पाया है, लेकिन चिपको के नाम पर कई अन्य लोग पुरस्कार पा रहे हैं। महिला मंगल दल सुभाईं और रैणी की महिलाओं की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं।
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मैती संस्था के कलाकारों ने नाटक के जरिए वनों के संरक्षण का संदेश दिया। उत्सव आयोजक समिति अध्यक्ष मोहन सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में भी वनों का अवैध दोहन और पातन हो रहा है। उन्होंने वनों के संरक्षण के लिए एक और चिपको की जरूरत बताई।

इस मौके पर उपजिलाधिकारी शैलेंद्र नेगी, जोशीमठ नगर पालिका अध्यक्ष रोहिणी रावत, रामकृष्ण रावत, पुष्पा देवी, चंद्र सिंह राणा, सरोजनी देवी, रामेश्वर थपलियाल, हरीश भंडारी, सोहन सिंह, जैमा देवी, मीना डिमरी, देवेश्वरी कपरुवाण, संग्राम सिंह और विक्रम सिंह आदि मौजूद थे।
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