इस वर्ष चार धाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ हाईवे पर जिला पुलिस और प्रशासन की अनुमति के बाद ही जल विद्युत परियोजनाओं के ट्रॉला आवाजाही कर सकेंगे। अभी तक बीआरओ के अधिकारियों की ओर से एनओसी मिलने के बाद ही ट्रॉला चलते थे।
बृहस्पतिवार को डीएम विनोद कुमार सुमन ने चार धाम यात्रा की बैठक ली। डीएम ने बीआरओ के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीआरओ परियोजनाओं के ट्राला संचालन की सूचना प्रशासन को भी देगा, जिससे ट्राला फंसने पर शीघ्र कार्रवाई की जा सके।
यात्रा शुरू होने से पहले नंदप्रयाग-मैठाणा और गोपेश्वर बाईपास मार्गों को चाक-चौबंद करने, लामबगड़ डेंजर जोन में हाईवे चाक-चौबंद रखने के उपाय अभी से शुरू करने के निर्देश दिए। यात्रा से पहले हाईवे के डेंजर जोनों को चिह्नित कर उपाय करने के लिए भी निर्देश दिए गए।
बीआरओ के कमान अधिकारी रूप ज्योति दास ने कहा कि जोशीमठ भूस्खलन क्षेत्र में हाईवे सुधारीकरण कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन को 30 अप्रैल तक हाईवे चाक-चौबंद रखने का भरोसा दिलाया।
जल संस्थान के ईई जेपी जोशी ने कहा कि लामबगड़ तक पेयजल लाइन सुचारु है। बदरीनाथ और माणा गांव में मई माह के पहले सप्ताह तक पानी पहुंचा दिया जाएगा। सीएमओ डा. विराज शाह ने बताया कि गौचर से बदरीनाथ तक छह 108 सेवा और आठ एंबुलेंस हर वक्त यात्रा पड़ावों पर मौजूद रहेंगी।
डीएम ने दूरसंचार के अधिकारियों को लामबगड़ से कंचन गंगा दस किलोमीटर के पेंच तक संचार सेवा दुरुस्त करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक प्रीती प्रियदर्शिनी ने कहा कि यात्रा पड़ावों पर सीजनल चौकियां स्थापित की जाएंगी। बदरीनाथ और गोविंदघाट में एक-एक प्लाटून पीएसी तैयार की जाएगी। यात्रा रूट पर 450 पीआरडी और होमगार्ड के जवान तैनात किए जाएंगे।