चंपावत। अनुसूचित जाति जनजाति इंप्लाइज फेडरेशन की जिला इकाई की बैठक में पदोन्नति में आरक्षण सुविधा को लेकर विभिन्न संगठनों के विरोध को नाजायज बताया गया। फेडरेशन के कार्यकारी जिलाध्यक्ष मदन राम आर्य की अध्यक्षता एवं गोपाल कालाकोटी के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं का कहना था कि आरक्षण सुविधा का विरोध करने वाले विभिन्न संगठनों में एससी और एसटी के सदस्य भी हैं। शासन की ओर से उक्त संगठनों को समभाव और समानता के आधार पर मान्यता दी है, न कि वर्णवाद, जाति या वर्ग के नाम पर।
वक्ताओं का कहना था कि संगठनों का संविधान अपने हर सदस्य के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए होते हैं। वक्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकारों से अनुरोध किया कि पदोन्नति में आरक्षण को संविधान के उसी अनुच्छेद में संशोधित किया जाए, जिसमें नियुक्तियों में आरक्षण का प्रावधान है। उनका कहना था कि संविधान में आरक्षण का प्रावधान सामाजिक आधार पर किया था न कि आर्थिक आधार पर। जबकि अनुसूचित जाति के लोगों का सामाजिक दर्जा असमानता पर आधारित है। इस मौके पर 25 और 26 अगस्त को हल्द्वानी में होने वाले एससीएसटी परिसंघ के सम्मेलन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सोमपाल सिंह, संजय कुमार, गोपाल, प्रमोद कुमार टम्टा, कुंडर राम, त्रिलोक राम कोहली, प्रकाश राम टम्टा व संजय देव आदि ने विचार रखे।