टनकपुर/बनबसा। नवरात्र के दूसरे दिन 20 हजार से अधिक भक्तों ने मां पूर्णागिरि के दरबार में शीश नवाजा। इसके अलावा पिथौरागढ़ और चंपावत में भी भक्तों ने देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की आवक लगातार बनी हुई है। ट्रेन, बसों के अलावा निजी वाहनों और साइकिलों से श्रद्धालु देवी के दर्शन को आ रहे हैं। नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन को जाने वाले यात्रियों की जबरदस्त भीड़ रही। मेला क्षेत्र में कोई इंतजाम न होने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। थानाध्यक्ष आरएस मेहता ने बताया कि भीड़ से यातायात व्यवस्था नियंत्रित करने में खासी मसक्कत करनी पड़ी। पथ प्रकाश के इंतजाम भी नहीं है। यात्री रात में अंधकार में विश्राम करने विवश हैं। कदम-कदम पर फैली गंदगी परेशानी का कारण बन रही है। पूर्व सांसद प्रतिनिधि फिरोज खान ने बताया कि सफाई व्यवस्था के अभाव में कालोनी वासियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। इधर मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम जेएस राठौर का कहना है कि नवरात्र के दूसरे दिन 20 हजार से अधिक भक्तों ने मां के दर्शन किए।
देवी के दर्शन
पिथौरागढ़। दूसरी नवरात्रि पर गंगोलीहाट के हाट कालिका मंदिर, वैष्णवी मंदिर, अंबिका मंदिर, चामुंडा मंदिर, शीतला देवी मंदिर, छिन्नमस्ता मंदिर, बेरीनाग के त्रिपुरा देवी, पांखू के कोटगाड़ी देवी मंदिर, मुनस्यारी के होकरा देवी मंदिर, कनालीछीना के जयंती माता मंदिर, गुरना देवी मंदिर, जिला मुख्यालय के कामाक्षा देवी मंदिर, उल्का देवी मंदिर, घुनसेरा देवी मंदिर के साथ ही तमाम पौराणिक और ऐतिहासिक मंदिरों में शुक्रवार को लोगों की भारी भीड़ लगी रही। हाट कालिका मंदिर के साथ ही तमाम मंदिरों में लोगों को दर्शनों के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा।