लोहाघाट। ग्राम प्रधानों ने ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में प्रस्ताव पास किए बिना विभिन्न विभागों को मनरेगा के तहत धनावंटन किए जाने पर आपत्ति जताई है।
पाटी ग्राम प्रधान संगठन की बैठक में ब्लाक अध्यक्ष राजू बिष्ट ने कहा कि पूर्व में मनरेगा में मजदूरी 125 रुपये निर्धारित की गई थी। एक अप्रैल से उसमें वृद्धि कर 142 रुपये कर दिया गया है। इस राशि का अतिरिक्त भुगतान मजदूरों को नहीं हो पा रहा है। ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों के बिना जिला प्रशासन की ओर से वन विभाग, लघु सिंचाई, जल संस्थान, जिला पंचायत, सिंचाई विभाग को धनराशि अवमुक्त की जा रही है।
योजना के तहत एक व्यक्ति को वर्ष में जॉब कार्ड के आधार पर सौ दिन का रोजगार दिया जाना है लेकिन सभी विभाग एक ही श्रमिकों से 100-100 दिन कार्य करा रहे हैं। इस ओर कोई नहीं देख रहा है। बैठक में ग्राम प्रधान रमेश राम, बची सिंह बोहरा, दिनेश गहतोड़ी, भगी राम, तारा सिंह चम्याल, चंदन बिष्ट, लोकमणि पुजारी आदि ग्रामीण जन प्रतिनिधियों का कहना था कि मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना को मजाक का रूप दिए जाने से धन की सरासर बर्बादी की जा रही है।