एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

मृतकों का नाम लाभार्थियों की सूची शामिल!

Champawat Updated Sat, 21 Dec 2013 05:49 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

चंपावत। अक्षय उर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) की ओर से बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम (बीएडीपी) के तहत सीमांत विकासखंडों में वितरित की जा रही सोलर लालटेन को लेकर विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीमावर्ती गांवों में वितरण के तीन दिन बाद ही सोलर लालटेनों के खराब होने की शिकायत के बाद अब जिला मुख्यालय से लगे ग्रामीण इलाकों में कई लाभार्थियों के नाम सोलर लालटेन पाने वाली सूची से ही गायब पाए गए हैं। जबकि लाभार्थियों की सूची में कई नाम ऐसे भी हैं जो वर्षो पहले स्वर्ग सिधार चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

यही नहीं लाभार्थियों की सूची में उन लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं जो वर्षो पूर्व अपने गांव को छोड़ चुके हैं। विकासखंड सभागार में इन दिनों खर्ककार्की न्याय पंचायत के तहत आने वाले गांवों के लाभार्थियों को 300 रुपए की रियायती दर पर सोलर लालटेन वितरित की जा रही हैं, लेकिन लाभार्थियों की सूची को लेकर लोगों में रोष है। छतार, पुनेठी, ड़डा, तिलौन, भरछाना, डूंगरासेठी, खर्ककार्की, बाजरीकोट आदि गांवों में कई लाभार्थियों के नाम सूची में नहीं हैं। अलबत्ता कई मृतकों और एनआरआई के नाम अवश्य सूची में शामिल हैं।
एक-दूसरे पर कर रहे दोषारोपण
चंपावत। रियायती दरों पर सोलर लालटेन वितरण को लेकर तैयार की गई लाभार्थियों की सूची के लिए ग्राम्य विकास विभाग और संबंधित ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि एक दूसरे पर दोष मढ़ रहे हैं।
विज्ञापन

पालिका में शामिल होने का मिला खामियाजा
चंपावत। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को नवगठित पालिका में शामिल होने का खामियाजा रियायती दर पर मिलने वाली सोलर लालटेन सुविधा से वंचित होकर भुगतना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि वह नगरपालिका में तो अभी शामिल हुए हैं, जबकि सोलर लालटेन वितरण का कार्यक्रम पूर्व से चल रहा है।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें