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जीवन प्राण आधार प्रभु मोरे...

Champawat Updated Fri, 07 Feb 2014 05:43 AM IST
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लोहाघाट। पाटी में मस्टा संगीत कला समिति के तत्वावधान में हुई बैठकी होली में देर रात तक विभिन्न राग और फागों में होली गायन किया गया। सर्वप्रथम मेजबान लीलाबंर सोराड़ी ने राग बागेश्री में जीवन प्राण आधार प्रभु मोरे और आसरो नहीं तुम बिन गीत गाया। संगीत प्रवीण सीएस मौनी ने राग धमार में अब तुम गाओ धमार आई, होली खेलन की बहार, राग काफी में टीकाराम सोराड़ी ने आज बसंत सुहायो ऋतु शुभ अलबेली, प्रख्यात साहित्यकार नवीन उप्रेती ने आयो नवल बसंत सखि ऋतुराज कहायो, सागर मौनी ने राग धमार में चमकत हो चपला सी आज, तुम नीकी बनी हो, बीसी भट्ट ने इसी राग को आगे बढ़ाते हुए मन सुख लाहो हो मृदंग नाचत आई चंद्रावली गीत गाया।
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राग जंगलाकाफी में कैलाश भट्ट ने कहा श्याम सुंदर बनवारी अब, जाऊं में तो पे वारी, एलएम सोराड़ी ने राग काफी में बसंत बहार सखि मोहे अति मन भाये, कमल पंत ने ऐसी करत बरजोरी, श्याम मोरी बय्यां मरोरी गीत प्रस्तुत किया। श्याम सुंदर ने बनवारी अब जाऊं में तो पे वारी गीत गाया। समापन रबीश पचौली के काव्य पाठ से किया गया। तबले पर संगत आचार्य केसी भट्ट, दीपक अधिकारी, सागर मौनी ने दी।



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