पिथौरागढ़। स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना का मामला अधर में लटकता जा रहा है। 2006 में स्पोर्ट्स कॉलेज की घोषणा हुई थी। काफी मशक्कत के बाद वड्डा के निकट लेलू गांव के लोग कालेज के लिए जमीन देने को सहमत तो हुए, लेकिन शासन ने इस जमीन के बड़े हिस्से को गोचर की जमीन मानते हुए उसके हस्तांतरण पर रोक लगा दी है।
मानक के अनुसार स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए कम से कम 700 नाली जमीन चाहिए। स्पोर्ट्स कॉलेज के भवन और मैदान के लिए राजकीय निर्माण निगम ने प्रारंभिक आगणन 38 करोड़ 68 लाख रुपए तैयार भी कर लिया था। इस बीच जब जमीन के कागजात शासन के पास भेजे गए तो शासन ने लेलू गांव में स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए प्रस्तावित जमीन में से 970 नाली जमीन को गोचर की भूमि बताते हुए इसके सार्वजनिक उपयोग के लिए हस्तांतरण पर रोक लगा दी। इससे कॉलेज की स्थापना का मामला खटाई में पड़ गया है। जिला मुख्यालय के आसपास 15 किलोमीटर की दूरी में स्पोर्ट्स कालेज की जरूरत के मुताबिक कहीं पर भी जमीन उपलब्ध नहीं है। मुख्य विकास अधिकारी डा. आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि जमीन के मसले को हल करने के लिए प्रशासन अपने स्तर से प्रयास कर रहा है। यदि लेलू में स्वीकृति नहीं मिलती तो फिर किसी अन्य स्थान का चयन किया जाएगा। जिला क्रीड़ा अधिकारी विनोद सिंह वल्दिया ने बताया कि फिलहाल कॉलेज के निर्माण के लिए शासन से पैसा नहीं मिला है।