अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। समाज के कमजोर वर्गों के आंसू पोंछने वाला समाज कल्याण विभाग खुद बुरे हाल में हैं। दिव्यांग, विधवा, बुजुर्ग, किसान सहित समाज के तमाम लोगों को पेंशन देने वाले समाज कल्याण विभाग को खुद अपने कल्याण की फिक्र सता रही है। विभाग के जिला कार्यालय में जिला समाज कल्याण अधिकारी के अलावा अब बस दो और कर्मचारी हैं। सात पद रिक्त होने से कामकाज पर मार पड़ रही है, जबकि पेंशन और अन्य तरीके से 25 हजार से अधिक परिवारों को महकमा सीधे लाभांवित करता है।
समाज कल्याण विभाग में कार्यालय को संभालने के लिए सिर्फ दो कनिष्ठ लिपिक कृष्णानंद सुतेड़ी और पहली तैनाती में आई एकता हैं, जबकि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी सहित सात महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त हैं। यहां तक कि चार में से दो ब्लाकों (चंपावत व बाराकोट) में सहायक विकास अधिकारी भी नहीं हैं। सितंबर 2018 में यहां भेजे गए एक मुख्य सहायक को एक साल पूर्व समाज कल्याण निदेशालय संबद्ध किया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत का कहना है कि कर्मियों की कमी से विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। किसी तरह काम को पूरा किया जा रहा है। रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है।
---::: इन योजनाओं का संचालन करता है विभाग: पेंशन: वृद्धावस्था पेंशन, विधवा, दिव्यांग, किसान, तीलू रौतेली, परित्यक्ता व बौना समाज को पेंशन।
अनुदान: राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, शादी अनुदान, विधवाओं को पुत्री की शादी, विधवा पुर्नविवाह व वृद्ध पुरोहितों को भरणपोषण अनुदान।
छात्रवृत्ति: अनुसूचि जाति, पिछड़ी जाति, दिव्यांग छात्रवृत्ति।
अन्य योजनाएं: एससी उपयोजना, अत्याचार उत्पीड़न में आर्थिक सहायता, एससी के लिए अटल आवास योजना, दिव्यांगों को कृत्रिम अंग व श्रवण यंत्र।