पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने 15 दिन चलने वाले गंगा स्वच्छता पखवाड़े का शुभारंभ करते हुए गंगा को स्वच्छ रखने को लोगों को शपथ दिलाते हुए अभियान में जुड़ने को आग्रह किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन जनप्रतिनिधियों और नीतियों के बल नहीं होता। परिवर्तन के लिए समाज का जागरूक होना जरूरी है।
शुक्रवार को हरकी पैड़ी पर पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने नेशनल मिशन फोर क्लीन गंगा के अंतर्गत 16 से 31 मार्च तक चलने वाले गंगा स्वच्छता पखवाड़े का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि गंगा स्वच्छता पखवाड़ा मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य गंगा की स्वच्छता को लेकर समाज में जागरूकता लाना है। उन्होंने कहा कि मां गंगा की निर्मलता एवं स्वच्छता को बनाए रखने के लिए समाज को स्वयं खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे बसे शहरों और गांवों में जागरूकता लाने के लिए नमामि गंगे योजना चलाई गई है। नमामि गंगे योजना का उद्देश्य गंगा नदी किनारे बसे गांवों को गंगा गांव योजना से जोड़ना, गंगा नदी किनारे बसे वन-उपवन की जैव विविधता बनाए रखना, ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन एवं औद्योगिक कचरे को गंगा में डाले जाने से रोकना है। कहा कि गंगा गांव योजना से प्रदेश के 132 गांव जुडे़े हैं।
एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर नेशनल मिशन फोर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) रोजी अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार के की ओर से हर वर्ष गंगा स्वच्छता पखवाड़े का आयोजन किया जाता है। यह पखवाड़ा पांच राज्यों के गंगा के किनारे बसे 34 स्थानों पर मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नमामि गंगे योजना के अंतर्गत राज्य के लिए 18 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्वीकृत हुए हैं। चंडीघाट सुंदरीकरण का 55 प्रतिशत कार्य हो चुका है जो नवंबर तकश् ात प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाएगा। इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, मेयर मनोज गर्ग, नामामि गंगे उत्तराखंड के कार्यक्रम निदेशक राघव लंगर, जिलाध्यक्ष डा. जयपाल सिंह चैहान, गंगा सभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा आदि उपस्थित थे।
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पखवाडे़ में यह होंगे कार्यक्रम
पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि 16 से 31 मार्च तक चलने वाले गंगा स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताएं, गंगा निरीक्षण कार्यक्रम, श्रमदान कार्यक्रम, रथ यात्रा, पदयात्रा, जन जागरूकता कार्यशाला आदि कार्यक्रम चलाए जाएंगे।