हरिद्वार। अमेरिका मूल की महिला की हत्या कर डकैती करने के आरोपी 12 साल बाद श्यामपुर पुलिस ने गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। आरोपी बावरिया गिरोह का सक्रिय सदस्य है। पंजाब, यूपी, हरियाणा के अलग-अलग ठिकानों पर रहकर वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी पर दस हजार का ईनाम था। इस मुकदमे में छह आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर लिए थे, जबकि एक आरोपी गाजियाबाद में मुठभेड़ में मारा गया था।
एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि 21 दिसंबर 2000 को सत्यम विहार ऋषिकेश रोड स्थित घर पर रहने वाली अमेरिकी मूल की महिला स्वामी प्रेमानंद उर्फ जाडियाफ जाको किलोरा की घर में हत्या कर दी थी। घर से चार लाख रुपये नगदी और लाखों के जेवरात भी लूटे गए थे। श्यामपुर थानाध्यक्ष रितेश शाह ने बताया कि जांच में बावरिया गिरोह का हाथ सामने आया था। पुलिस ने आठ आरोपियों को डकैती की सनसनीखेज घटना में नामजद किया था। पुलिस ने घटना के बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि, एक आरोपी गाजियाबाद पुलिस के साथ वर्ष 2004 में हुई मुठभेड़ में मारा गया था। एक आरोपी हरी शाह पुत्र अमर शाह निवासी निर्मला छावनी हरिद्वार घटना के बाद से फरार था। शातिर हरी शाह पर दस हजार का ईनाम भी घोषित किया था। आरोपी हरी शाह को चिड़ियापुर से सोमवार को वारदात को अंजाम देने के दौरान एक तमंचा और दो कारतूस के साथ हिरासत में लिया गया।
यह थे डकैती के आरोपी
-राजू पुत्र प्रेम, खानपुरकलां, मुज्जफरनगर
-गंगुआ पुत्र किशन, राम प्रसाद गली, हरिद्वार
-जौली पुत्र मनोहर दास, बारा कोठी, कनखल
-जीवन पुत्र संटू, अहमदगढ़, मुज्जफरनगर
-राम अवतार पुत्र कलुवा, जनार्दन, मुज्जफरनगर
-हरी शाह पुत्र अमर शाह, निर्मला छावनी हरिद्वार
-गुरुबचन पुत्र प्रीतम सिंह, नगीना बिजनौर
-संटू पुत्र नानकू, अहमदगढ़, मुज्जफरनगर
पुलिस को देता था गच्चा
हरिद्वार। थानाध्यक्ष रितेश शाह ने बताया कि बावरिया गिरोह के शातिर सदस्य हरी शाह कभी भी मोबाइल का प्रयोग नहीं करता था। समय-समय पर अपना स्थान भी बदलता रहता था। बहुत खास लोगों को ही उसका पता होता था। गिरोह के एक खास सदस्य को विश्वास में लेकर हरी शाह तक पहुंचा गया। यही नहीं लगातार तीन माह से हरी शाह की टोह ली जा रही थी। आखिरकार सोमवार को पुलिस को सफलता मिली।