हरिद्वार। मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि तीन दिन के अंदर स्वामी पूर्णानंद को ससम्मान रिहा किया जाए। उन्होंने शासन और प्रशासन के खिलाफ नए सिरे से मोर्चा खोलने का ऐलान करते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो मातृ सदन डीएम, औद्योगिक सचिव को निलंबित करने सहित सूबे की वित्त मंत्री के खिलाफ जांच बैठाने की मांग जोर-शोर से उठाएगा।
शुक्रवार को मातृ सदन में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि पहले खनन खोलने और बाद में चौतरफा घिरने के बाद खनन बंद होने से यह साबित हो चुका है कि सरकार ने गैरकानूनी तरीके से खनन की अनुमति दी। जबकि, इस दौरान खनन बंदी की मांग को लेकर अनशनरत स्वामी पूर्णानंद को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया। उन्होंने कहा कि जेल में बंद स्वामी पूर्णानंद को तीन दिन के अंदर ससम्मान रिहा किया जाएं। इसके बाद मातृ सदन अपना आंदोलन तेज कर देगा।
वहीं मातृ सदन के संत ब्रह्मचारी दयानंद की ओर से एसीजेएम कोर्ट मेें डीएम के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का एक और प्रार्थनापत्र दाखिल किया है। मातृ सदन के अधिवक्ता अरुण भदौरिया ने बताया कि कोर्ट ने जरूरत पड़ने पर स्वामी पूर्णानंद को इलाज के लिए हायर सेंटर ले जाने को कहा था, लेकिन जौलीग्रांट अस्पताल प्रबंधन के मना करने के बावजूद उन्हें वहीं रखा गया। उन्हें अन्यत्र हायर सेंटर नहीं ले जाया गया। इस बाबत कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया है। जिस पर 15 जनवरी को सुनवाई होगी।