हरिद्वार। खनन माफिया को अपनी खेती की भूमि देकर भोगपुर के 12 किसान बुरी तरह फंस गए हैं। जिला प्रशासन ने इन किसानों को 58 लाख 29 हजार रुपये बतौर रायल्टी सरकारी खजाने में जमा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रत्येक किसान पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। खनन माफिया तो थोड़े-बहुत पैसों में किसानों की जमीन खोदकर भाग गया लेकिन अब किसानों को मोटी राशि जमा करनी होगी।
एक दिसंबर को बिशनपुर कुंडी और भोगपुर में खनन लॉट खोली गई तो उसकी आड़ में जमकर अवैध खनन भी किया गया। खनन माफियाओं ने गंगा और सरकारी भूमि पर धड़ल्ले से अवैध खनन किया तो किसानों की निजी भूमि भी इससे नहीं बच सकी। आरोप है कि कुछ किसानों ने लालच के चलते निजी भूमि माफियाओं को अवैध खनन के लिए दे दी। खनन माफिया ने इसका पूरा लाभ उठाया और किसानों की भूमि पर खनन कर गहरे गड्ढे बना डाले। खेतों में बड़ी मात्रा में अवैध खनन की शिकायत पर जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच बैठा दी।
उपजिलाधिकारी ने मौके पर जाकर पैमाइश की और पूरे मालमले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। मंगलवार को
जलाधिकारी सचिन कुर्वे ने ग्राम भोगपुर में बिना अनुमति के अवैध खनन करने वाले 12 काश्तकारों पर अर्थदंड आरोपित किया है। जिलाधिकारी ने बताया कि उप जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर किसानों से कुल 58 लाख 29 हजार रुपयों की रायल्टी वसूली जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक काश्तकार से 25 हजार रुपया अर्थदंड भी लिया जाएगा।