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क्वीरियाल गए अब नूपुर की बारी

अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Mon, 12 Dec 2016 10:54 PM IST
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विप्रा त्रिवेदी के स्थान पर नगर आयुक्त बने नरेंद्र सिंह क्वीरियाल नगर निगम की सियासत को समझने में नाकाम रहे। फलस्वरूप एक महीने ही उनकी विदाई हो गई। कांग्रेस के एकगुट के भारी दबाव में मुख्यमंत्री हरीश रावत को झुकना पड़ा और शासन ने उनका तबादला कर दिया है।

सोमवार को शहरी विकास सचिव डीएस गर्ब्याल ने हैरानी के साथ कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है। कार्मिक विभाग ही स्पष्ट बता सकता है। लेकिन नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने अपने स्थानांतरण की पुष्टि कर दी है। उन्होंने बताया कि शासन जहां भेजेगा वहां काम करेंगे। पिछले दिनों नगर निगम में उनके साथ हुए घटनाक्रम के बाद उन्होंने स्वयं ही शासन को इस स्थिति में काम करने में असतर्थता जता दी थी। नगर आयुक्त को नामित पार्षद सचिन बेनीवाल की सदस्यता समाप्त करने के लिए शासन को पत्र भेजने और कांग्रेस के नेता मुरली मनोहर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की तहरीर देना भारी पड़ा। पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी व पूर्व विधायक अंबरीष कुमार गुट ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था। न चाहते हुए भी मुख्यमंत्री को उनकी बात माननी पड़ी।  और क्वीरियाल को रूख्सत कर दिया है।
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कांग्रेसजन अब अपर नगर आयुक्त नूपुर वर्मा की विदाई भी देखना चाहते हैं। शासन ने उनका स्थानांतरण एक महीने पहले टिहरी गढ़वाल के लिए कर दिया था, परंतु जुगत कर वह रुकी हुई थीं। कांग्रेस के पार्षदों ने दो दिन पहले ही उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से मोर्चा खोल दिया था। शासन उन्हें भी नगर निगम से विदा कर सकता है।

अशोक पांडेय को लाने की तैयारी
शासन ने नगर निगम रुड़की के नगर आयुक्त अशोक  पांडेय को हरिद्वार का भी अतिरिक्त कार्यभार दिया है। पांडेय को हरिद्वार लाने की कोशिश काफी पहले से चल रही है।  इसी के चलते काफी दिनों तक  पांडेय ने नगर निगम रुड़की में ज्वाइनिंग नहीं दी थी। अब उनको हरिद्वार लाने का रास्ता साफ हो गया है।

जरूरी सेवाएं ठप करने का अल्टीमेटम
नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल का एक माह में ही तबादले  की सूचना से नगर निगम के कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने मंगलवार को जरूरी  सेवाएं ठप करने का अल्टीमेटम दिया है। महापौर मनोज गर्ग को दिए ज्ञापन में कहा कि नगर आयुक्त ने एक महीने में एक करोड़ रुपये की वसूली कर संविदा कर्मचारियों को तीन माह का वेतन एक माह में दिया और बोनस तथा एरियर का भुगतान किया। उनका तबादला निरस्त नहीं होने पर कर्मचारी मंगलवार को जरूरी सेवाएं ठप कर देंगे। ज्ञापन देने वालों में ईश्वर शर्मा, चंद्रपाल, निखिल यादव, विपिन, अंशुल कुमार, संजय सेठी, राधेश्याम छाछर, अरविंद कुमार, शमशेर, नवीन, मूलचंद, राज कुमार व विजय सिंह रावत आदि शामिल हैं।

भाजपा पार्षद भी बिफरे
 नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल के अचानक स्थानांतरण से महापौर मनोज गर्ग सहित भाजपा पार्षदों ने कहा कि भाजपा के नगर निगम बासेर्ड को जानबमझकर काम नहीं करने दिया जा रहा है। पार्षद रवि धींगड़ा, अनिल मिश्रा, राम गोपाल, राजेश शर्मा आदि ने कहा कि कांग्रेसियों को नगर आयुक्त के रूप में क्वीरियाल का नगर निगम हित में काम करना रास नहीं आया।
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