कोटद्वार को अलग जिला बनाने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन के जुड़े अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कोटद्वार जिला की घोषणा न होने पर आंदोलन को तेज करते हुए बाजार बंद, चक्का जाम और कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
शनिवार को अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना दिया। इस अवसर पर पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत ने समर्थकों के साथ कोटद्वार जिले की मांग को उचित बताते हुए अधिवक्ताओं के साथ धरना दिया। इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि पौड़ी जिले की भौगोलिक परिस्थितियों से परेशान क्षेत्रीय जनता वर्षों से कोटद्वार जिले की मांग कर रही है, लेकिन प्रदेश सरकार इसको लेकर गंभीर नहीं है। यही हाल रहा तो कांग्रेस को आने वाले विधानसभा चुनाव में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज भट्ट, दीपक रावत, रमेश वर्मा, शशिकांत बलूनी, अजय पंत, संजय जोशी, अरुण कुमार भट्ट, मुकेश कबटियाल, सुदामा राम अमोली, शंकर सिंह रावत, हमेंद्र नौटियाल, इंद्रेश भाटिया, मनमोहन पांडे, बीपी नौटियाल, कुंवर सिंह गुसाईं, सुरेंद्र नेगी, दिनेश डबराल, दीपेंद्र सिंह रावत, जेपी बलूनी, आलोक सिंह रावत, राजविमल सिंह रावत, भीमराम सिंह बिष्ट, विक्रम सिंह व ध्यान सिंह नेगी आदि मौजूद थे।