हल्द्वानी। कृषि उत्पादन मंडी समितियों में मंडी शुल्क वसूली के विरोध में मंगलवार को हल्द्वानी मंडी का कारोबार पूरी तरह बंद रहेगा। व्यापारी विरोध प्रदर्शन कर मंडी शुल्क का विरोध जताएंगे। इसके बाद भी मंडी शुल्क समाप्त नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन कर प्रदेश की बाकी मंडियों में हड़ताल करेंगे।
उत्तराखंड की मंडियों में फल एवं सब्जियों की आवक पर दो फीसदी मंडी शुल्क लिया जाता था। भाजपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी ने एक जनवरी 2012 से मंडी शुल्क खत्म कर दिया। कांग्रेस सरकार मंडी शुल्क समाप्त करने का बिल पेश नहीं कर सकी, लिहाजा मंडियों में आवक पर दो फीसदी मंडी शुल्क कटौती होने लगी हैं। हल्द्वानी मंडी में पिछले एक सप्ताह से मंडी शुल्क कटने लगा है। आलू फल आढ़ती व्यापारी एसोसिएशन ने मंडी शुल्क का पुरजोर विरोध किया है। एसोसिएशन अध्यक्ष जीवन सिंह कार्की ने कहा कि मंडी शुल्क की बहाली व्यापारियों एवं काश्तकारों के साथ शोषण है।
एसोसिएशन के आह्वान पर पिछले दिनों मंडी समिति कार्यालय पर धरना एवं प्रदर्शन के बाद व्यापारियों ने मौन जुलूस निकाला। मंगलवार को हल्द्वानी थोक मंडी का पूरा कारोबार बंदी का आह्वान किया है। थोक व्यापारी देवानंद सिंधी का कहना है कि मंगलवार को हल्द्वानी थोक मंडी बंद रहेगी। इसके बाद भी सरकार ने शुल्क समाप्त नहीं किया तो दूसरे व्यापारी संगठनों के समर्थन से कुमाऊं और प्रदेश बंद का आह्वान किया जाएगा।
मंडी शुल्क समाप्त कराने को सीएम से करूंगा वार्ता: आर्या
आलू फल आढ़ती व्यापारी एसोसिएशन पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्या से मिला। यशपाल आर्या ने कहा कि व्यापारियों एवं काश्तकारों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए फैसला लिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मंडी शुल्क को खत्म कराने का शासनादेश जारी कराने को लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में प्रदीप भंडारी, पूरन जोशी, केशव दत्त पलड़िया, गोपाल सिंह, भुवन तिवाड़ी, देवानंद सिंधी, हरीश दुर्गापाल, रमेश जोशी, हरीश जंतवाल और घनश्याम शर्मा मौजूद थे।
व्यापार मंडल का मिला समर्थन
उत्तराखंड देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल ने मंडी शुल्क के विरोध में आलू फल आढ़ती व्यापारी एसोसिएशन की मांग का पूर्ण समर्थन किया है। प्रदेश अध्यक्ष हुकुम सिंह कुंवर एवं प्रदेश महामंत्री अमरजीत सिंह चड्डा ने कहा कि शुल्क की बहाली व्यापारियों का आर्थिक शोषण है। व्यापार मंडल थोक मंडी के व्यापारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन में भागीदारी करेगा।