हल्द्वानी। गोरापड़ाव के जंगल की जमीन पर कथित तौर पर कब्जे की तैयारी है। कुछ लोगों ने जंगल के बीच में ईटों की चिनाई करने के साथ धार्मिक चिह्न भी रख दिए हैं। सुनसान जंगल में यह धार्मिक चिह्न किसने रखे, कब निर्माण हुआ, इसके बारे में महकमे को पता तक नहीं है।
जंगल की जमीन पर लोगों की निगाह लगी हुई है। शहर के आसपास और लिंक मार्गों को जोड़ने वाली भूमि पर कब्जे की कोशिश लंबे समय से हो रही है। करीब तीन साल पहले एफटीआई की जमीन पर कब्जे की कोशिश हुई, जिस पर सुप्रीम कोर्ट की कमेटी को कड़ा रुख अपनाना पड़ा। टांडा रेंज में खत्तों की आड़ में भूमि अतिक्रमित की गई। स्टोन क्रशर के वन भूमि पर खनिज के भंडारण जैसे मसले आये, पर महकमा इन सबसे आंख बंद किये हुए हैं।
अब गोरापड़ाव के जंगल में कब्जे की तैयारी है। गोरा पड़ाव के जाने वाले मार्ग पर बीच जंगल सड़क के किनारे एक जगह सफाई कर धार्मिक चिन्ह रख दिये गये हैं। जगह की पहचान हो सके, ऐसे में जहां तक धार्मिक चिह्न रखे गये हैं, वहां पर ईंटों की चिनाई की गई है। बीच जंगल में यह धार्मिक चिह्न कैसे आ गये? किसने जंगल को साफ कर आराम यह छोटे स्तर के निर्माण कर लिये? इन सब की खबर महकमे को नहीं हो सकी। जबकि जहां पर निर्माण हुआ है, वह मुख्य मार्ग के बगल में स्थित है, जो आराम से आते-जाते हुए दिखाई दे सकता है। इस बाबत तराई केंद्रीय वन प्रभाग के डीएफओ एसपी सिंह कहते हैं कि मामले की जांच को कहा गया है। अगर कब्जे का प्रयास हो रहा है, तो उसे हटाया जाएगा।