हल्द्वानी। व्यापार में अंधाधुंध मुनाफे का लालच ही छोटे कारोबारियों के लिए गले की फांस बन गया है। ग्राहकों को ठगकर उनकी जेब काटने वाले कुछ ऐसे ही दुकान वालों की वजह से सरकार को देश में एफडीआई लागू करने का फैसला करना पड़ा है। अपने शहर में मुर्गे बेचने वाले दुकानदार मुनाफे के लिए ग्राहकों को बुरी तरह ठग रहे हैं। यदि आप सीधे पोल्ट्री फार्म से मुर्गा खरीदते हैं तो आपको ये महज 60 रुपये प्रति किलो मिलेगा लेकिन शहर की दुकानों में यह मुर्गा 160 से 180 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। मतलब बीच में आया दुकानदार सीधे-सीधे 100 और 120 रुपये का मुनाफा खा रहा है। बता दें कि शहर में रोज करीब सात हजार किलो मुर्गे का मांस बिकता है। मुर्गा बेचने वालों पर प्रशासन का कोई अंकुश नहीं है जबकि पोल्ट्री फार्म में मुर्गे का मूल्य दिल्ली की मंडी से तय होता है।
सर्दी के साथ मुर्गे की डिमांड भी बढ़ गई है। शहर में मंगलपड़ाव के अलावा नैनीताल रोड, रामपुर रोड और कालाढूंगी रोड पर सौ से अधिक मुर्गे वालों की दुकानें हैं। मंगलपड़ाव में अधिकांश दुकानदार 150 से लेकर 160 रुपये प्रति किलो तक मुर्गा बेच रहे हैं। ऊंचापुल में यही मुर्गा 180 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। जबकि पोल्ट्री फार्म से मुर्गा 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इस कारोबार में भी बिचौलियों ने महंगाई बढ़ाकर बाजार में इसके दाम बढ़ा रखे हैं। एक पोल्ट्री फार्म स्वामी ने बताया कि मुर्गे के रेट रोजाना घटते - बढ़ते रहते हैं लेकिन दुकानदारों के रेट वही रहते हैं। दूसरी ओर ईजी डे में इसी मुर्गे का मांस 153 रुपये किलो बिक रहा है। ईजी डे में सप्लाई दिल्ली से होती है और आपको अपनी पसंद से मांस का हिस्सा मिलता है। इस मांस को साफ करने की भी जरूरत नहीं होती।
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दिल्ली मंडी से तय होता है रेट
हल्द्वानी। पोल्ट्री फार्म से बिकने वाले मुर्गे के रेट भी दिल्ली मंडी से तय होते हैं। मंडी से जो रेट खुलता है हल्द्वानी में भी उसी रेट पर पोल्ट्री फार्म स्वामी को मुर्गा बेचना होता है।
दाना, दवा सब मिलता है उधार
हल्द्वानी। हल्द्वानी के आसपास के इलाकों के अलावा लामाचौड़, हल्दूचौड़, मोटाहल्दू, गौलापार, कालाढूंगी आदि क्षेत्रों में करीब सात लाख चूजे पोल्ट्री फार्मों में पाले जाते हैं। पोल्ट्री फार्म स्वामी अगर चाहें तो उन्हें मुर्गे का कारोबार करने वाले बड़े व्यापारी चूजों का दाना से लेकर दवा तक सब कुछ उधार मुहैया कराते हैं।
मुर्गे के भाव में अंतर
हल्द्वानी में 160 से 180 रुपये प्रतिकिलो
गौलापार साप्ताहिक बाजार में 90 रुपये किलो
रुद्रपुर में 140 रुपये प्रतिकिलो
सितारगंज में 100 रुपये किलो
काशीपुर में 120 रुपये किलो
बहेड़ी में 120 रुपये किलो
बरेली में 80 रुपये किलो
120 से 130 रुपये में भी बेचने में है मुनाफा
हल्द्वानी। मुर्गा मांस विक्रेताओं द्वारा मुर्गा काटकर उसके पंख उतार कर सीधे उसका वजन कर दिया जाता है तथा जितना वजन निकलता उसका 160 रुपये प्रति किलो की दर से दाम वसूल किए जाते हैं। पोल्ट्री फार्म स्वामी के मुताबिक दो किलो मुर्गे में 1300 ग्राम मांस निकलता है जिस पर दुकानदार अपना मार्जिन निकालकर अगर 120 से 130 रुपये किलो भी मुर्गा मांस बेचे तो भी उसे काफी फायदा है।