हल्द्वानी। काठगोदाम स्टेशन पर पकड़े गए टिकट दलाल के बाद से महकमे में खलबली मची हुई है। मामले में कई कर्मचारियों की भूमिका संदेह के दायरे में है। आरपीएफ ने मामले की गोपनीय जांच शुरू की है।
सूत्रों के अनुसार काठगोदाम में टिकट दलाली के आरोप में हत्थे चढ़ा लक्ष्मण सिंह लंबे समय से दलाली कर रहा था। इसकी खबर रेल कर्मियों और अधिकारियों को भी थी, लेकिन हाथ नहीं डाला गया। मामला को लेकर जाल तब बिछाया गया, जब उसने कथित तौर पर इज्जतनगर मंडल मुख्यालय में अपने जुगाड़ और संपर्क का हवाला दिया। सूत्रों के अनुसार जब लक्ष्मण सिंह पकड़ा गया, तो उसके पास एक ही समय पर एक ही काउंटर से बने आठ टिकट मिले हैं। जबकि नियम है कि एक व्यक्ति चार घंटे से पहले दूसरी बार लाइन में नहीं लग सकता है। इसके बाद से रेल कर्मियों की भूमिका संदेह के दायरे में आ गई है। इस बाबत आरपीएफ इंस्पेक्टर आलोक कुमार ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया जो संदिग्ध कर्मी प्रतीत हो रहे हैं, उसकी सत्यता पता करने को आरपीएफ गोपनीय जांच कर रही है।