हल्द्वानी। राज्य सरकार ने सालभर से छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे पिछड़ी जाति के दशमोत्तर कक्षाओें मेें अध्ययनरत छात्रों को छात्रवृत्ति रिलीज कर होली की सौगात दी है। साढ़े ग्यारह करोड़ रुपये समाज कल्याण निदेशालय को आवंटित हो चुके हैं।
राज्य सरकार 2010-11 से ओबीसी दशमोत्तर छात्रों को छात्रवृत्ति दे रही है। चालू वित्तीय वर्ष में 45 हजार छात्रों को छात्रवृत्ति मिलनी है। ओबीसी छात्रोें को यह छात्रवृत्ति भारत सरकार की निर्धारित नियमावली के अंतर्गत प्रदान की जाती है लेकिन इस बार चालू वित्तीय वर्ष गुजर जाने के बावजूद राज्य सरकार छात्रवृत्ति की पात्रता के मानक तय नहीं कर सकी। राज्य सरकार केंद्र सरकार के भरोसे रही लेकिन केंद्र सरकार ने शुरू में ही हाथ खड़े कर लिए। इस वजह से छात्रवृत्ति का रुपया रिलीज नहीं हो सकी लेकिन वर्ष के अंतिम दिनों में होली त्योहार पर राज्य सरकार ने ओबीसी के हजारों छात्रों को योजना से लाभान्वित करने को 11 करोड़ 49 लाख और 62 हजार रुपये की धनराशि रिलीज की।
पहले सरकारी स्कूलों के छात्रोें को मिलेगी
- समाज कल्याण निदेशालय के अफसरों ने बताया कि पहले राजकीय विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों को छात्रवृत्ति बांटी जाएगी। इसके बाद राज्य सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों, फिर प्राइवेट स्कूलों के छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी।
एक चौथाई धनराशि हुई रिलीज
- ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति देने का मानक तय नहीं हो पाने का नतीजा यह रहा कि राज्य सरकार एक चौथाई धनराशि ही रिलीज कर सकी। जबकि राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में 45 हजार छात्रों को 4500 लाख रुपये की छात्रवृत्ति देने का लक्ष्य रखा है।
- 31 मार्च तक छात्रवृत्ति बांटना संभव नहीं है। अप्रैल माह के पहले सप्ताह तक पूरी धनराशि बांट दी जाएगी। वैसे भी छात्रवृत्ति का जो रुपया मिल चुका है वह लैप्स नहीं होता।
एचसी सेमवाल, निदेशक समाज कल्याण विभाग