हल्द्वानी। अस्पताल का भारी भरकम बिल जमा नहीं कर पाने वाले एक गरीब मरीज को अस्पताल में बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है। बुधवार को मरीज ने खिड़की से कूदने की कोशिश की तो भाई ने पुलिस से शिकायत कर दी। आरोप था कि इलाज के नाम पर उन्हें लूटा जा रहा है। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों के बीच मामले को लेकर बातचीत शुरू हो गई है।
सितारगंज निवासी गुरदास सिंह (16) को दुर्घटना के बाद गंभीर हालत में बीती 18 मार्च को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वहां इलाज के बाद उसकी हालत सुधरी। एक सप्ताह पूर्व उसे वहां से डिस्चार्ज किया जाने लगा। जिस पर अस्पताल की ओर से करीब 03 लाख का बिल दिया गया। मगर गुरदास के भाई छिंदरपाल सिंह ने आर्थिक तंगी के चलते इतना बिल जमा कर पाने में असमर्थता जताई। अस्पताल प्रशासन ने उसे वहां से डिस्चार्ज करने से मना कर दिया। जबकि गुरदास घर जाने की जिद करने लगा। आरोप है कि भाई उसे ले जाने लगा तो अस्पताल प्रशासन ने उसे वहां बंधक बना लिया। दूसरी मंजिल में भर्ती गुरदास ने बुधवार को खिड़की से कूदने की कोशिश की।
छिंदरपाल ने कोतवाली में अस्पताल के खिलाफ लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उसके भाई को अस्पताल में बंधक बना लिया गया है। उसने करीब दो लाख का बिल जमा करवा दिया। लेकिन अस्पताल डेढ़ लाख रुपये और मांग रहा है। शिकायत पर भोटिया पड़ाव से दारोगा त्रिलोचन जोशी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल प्रशासन ने उन्हें बताया कि अभी सिर्फ 73 हजार का बिल दिया गया है। बाकी बिल जमा नहीं हुआ। त्रिलोचन जोशी के अनुसार दोनों पक्ष अब आपसी बातचीत से बीच का रास्ता निकाल रहे हैं।