भीमताल। जेएन कौल इंस्टीट्यूट आफ एजुकेशन के छात्र-छात्राओं ने प्राचार्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महिला प्राचार्य पर मनमाना शुल्क वसूलने और अभद्रता का आरोप लगाते हुए बुधवार को तल्लीताल बाजार तक जुलूस निकाल पंत पार्क में धरना दिया गया। इधर, संस्थान की शिक्षा निदेशक ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है।
संस्थान के तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं सुबह नारेबाजी करते हुए पंत पार्क में पहुंचे। यहां सभा में विद्यार्थियों ने प्राचार्य डा. रंजना रुहेला पर अभद्रतापूर्ण व्यवहार करने, मानसिक उत्पीड़न, शिक्षण शुल्क जमा कराने के बावजूद कैंपस में सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने, समय पर शिक्षकों की व्यवस्था न कराने, समय समय पर छात्र-छात्राओं के साथ अनुचित भाषा का प्रयोग करने के आरोप लगाए। छात्रों के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही संस्थान के शिक्षक और कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
उन्हें समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं माने। बाद में प्राचार्य डा. रुहेला खुद मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता के बाद छात्रों ने दूरभाष पर संस्थान की शिक्षा निदेशक ज्योत्सना सक्सेना को प्राचार्य के बारे में बताया। निदेशक के आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारी वापस संस्थान में लौट गए।
छात्र-छात्राओं से नियमानुसार शुल्क लिया गया है। अभद्रतापूर्ण व्यवहार, मानसिक उत्पीड़न और पहाड़ विरोधी होने जैसे आरोप गलत हैं। यदि पहाड़ विरोधी होती तो पहाड़ में आकर नौकरी नहीं करती। -डा. रंजना रुहेला, प्राचार्य जेेएन कौल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन भीमताल (नैनीताल)।