हल्द्वानी। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश रावत ने शनिवार को कहा कि बहुप्रतीक्षित जमरानी बांध परियोजना को अगले तीन माह में पर्यावरण मंजूरी मिल जाएगी। परियोजना की आपत्तियां दूर करने को कई बैठकें हो चुकी हैं। रावत यहां सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी लखवाड़ ब्यास विद्युत परियोजना को मंजूरी के लिए योजना आयोग को भेजा गया है। किसानों को केंद्रीय मदद देने और कृषि विकास के लिए चलाई जा रही किसाऊ परियोजना के तहत हिमाचल और उत्तराखंड सरकार से प्रस्ताव मांगे गए हैं। नंधौर नदी में लगी आपत्तियों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की जिम्मेदारी केंद्र की हो, इस पर बातचीत चल रही है। पंचेश्वर बांध के संबंध में बताया कि नेपाल और भारत के बीच अथॉरिटी का निर्माण किया जा रहा है।
लालकुआं, बिंदुखत्ता, हल्द्वानी की बढ़ती आबादी को देखते हुए इस क्षेत्र को हाथी कॉरिडोर से मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा। विकास कार्यों में हाथी कॉरिडोर कहीं आड़े नहीं आएगा। निकाय चुनावों में कांग्रेस की हार के लिए उन्होंने कहा कि इन चुनावों में स्थानीय मुद्दे हावी होते हैं। टिकट वितरण में गड़बड़ी या भीतरघात पर कहा कि पार्टी स्तर पर इन पर मंथन हो रहा है। उन्होंने सीएम बदलाव की संभावनाओं से इनकार किया।
एचएमटी हटाने की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि एचएमटी को समाप्त नहीं होने दिया जाएगा। प्रदेश संगठन में नेतृत्व परिवर्तन के सवाल पर वह चुप्पी साध गए। वार्ता के दौरान हरीश मेहता, सतीश नैनवाल, प्रयाग भट्ट, राजेंद्र सुयाल, इकबाल भारती, खजान पांडे, जया बिष्ट, कपकोट विधायक ललित फर्सवाण, द्वाराहाट विधायक मदन बिष्ट, ललित बिष्ट, राजेंद्र सिंह, विजय सिजवाली, कैलाश साह, शशि वर्मा, गिरधर बम, बालम बिष्ट, दीपक शाह, किशोर जोशी आदि मौजूद थे।