लालकुआं। आमतौर पर मंदिरों में रहने वाले संतों को शांत माना जाता है, लेकिन रविवार को दो संत नाम की खातिर आपस में टकरा गए। फलाहारी बाबा आश्रम के मुख्य द्वार पर नाम लिखने को लेकर दोनों संतों में मारपीट भी हुई। पुलिस ने संतों और उनके समर्थकों को शांति भंग में गिरफ्तार किया है।
आश्रम के महंत केशवानंद पुरी महाराज और हल्दूचौड़ के महंत वीरेंद्र पुरी के बीच गद्दी को लेकर लंबे समय से ‘लड़ाई’ चल रही है और यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। रविवार को न्यायालय के निर्देश पर नियुक्त अधिवक्ताओं की टीम ने मंदिर के संबंध में तमाम जानकारी जुटाई। टीम की मौजूदगी में हल्दूचौड़ के महंत ने मुख्य द्वार पर लिखे मंदिर के नाम को मिटाना शुरू कर दिया। इस दौरान मंदिर में केशवानंद पुरी से उनका विवाद हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बमुश्किल दोनों संतों का बीचबचाव किया और उसी समय पुलिस सूचना दी।
पुलिस दोनों संतों को मय समर्थकों के साथ कोतवाली ले आई, लेकिन दोनों महंत अपनी बात पर अडे़ रहे। पुलिस ने केशवानंद और वीरेंद्र पुरी के साथ ही इनके दर्जनों समर्थकों का चालान कर दिया। इधर, नगर पंचायत अध्यक्ष रामबाबू मिश्रा, भुवन पांडे, शेखर उपाध्याय ने विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हल्दूचौड़ के महंत के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। कोतवाल आरके फर्स्वाण का कहना है कि हल्दूचौड़ के महंत ने बेवजह विवाद पैदा कर शांति भंग का प्रयास किया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।