हल्द्वानी। उत्तरप्रदेश की तरह उत्तराखंड में भी गौरा देवी कन्याधन योजना शिक्षा विभाग से मिलकर संचालित होगी। समाज कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग योजना के क्रियान्वयन के लिए एक हो गए हैं। दोनों विभागोें के एक होने से योजना पहले से और पारदर्शी होगी। क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों को दूर करने और पात्र छात्राओं को योजना का लाभ समयबद्ध रूप से दिलाने के लिए इसमें कई बदलाव किए हैं। 25 नवंबर को समाज कल्याण के प्रमुख सचिव ने इसका शासनादेश भी जारी कर दिया।
गौरादेवी कन्याधन योजना में हुए बदलाव के बाद अब शासकीय/अशासकीय इंटर कालेजों में प्रार्थना सभा में ही इंटरमीडिएट की छात्राओं को गौरा देवी कन्याधन योजना की संपूर्ण जानकारी दी जाएगी। यह क्रम नवंबर और दिसंबर तक रोजाना चलेगा। पात्रता की श्रेणी में आने वाली छात्राओं को परिशिष्ट क में निर्धारित आवेदन पत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा। व्यक्तिगत रूप से परीक्षा में शामिल होने वाली छात्राओं को आवेदन पत्र उपलब्ध कराने का दायित्व प्रधानाचार्य का होगा। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तारीख 15 जनवरी होगी।
बदलाव कर इनको सौंपी जिम्मेदारी
- शैक्षणिक सत्र 2014-15 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में संस्थागत/व्यक्तिगत रूप से शामिल होने वाली तथा योजना की पात्रता श्रेणी में आने वाली छात्राओं के लिए अखबारों में आवेदन पत्र आमंत्रित किए जाएंगे।
- प्रधानाचार्य 31 जनवरी तक संस्थागत/व्यक्तिगत छात्राओं के आवेदनपत्र पर संस्तुति के साथ परिशिष्ट ख में निर्धारित सूची के साथ फार्मों को खंड शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराना होगा।
- सहायक समाज कल्याण अधिकारी समस्त फार्मों की जांच करेंगे और पात्र, अपात्र छात्राओं का विवरण परिशिष्ट ग में निर्धारित प्रारूप पर तैयार कर इसकी कॉपी जिला समाज कल्याण अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी को 15 मार्च तक देंगे।
- खंड शिक्षा अधिकारी प्राप्त सूची समस्त विद्यालयों को प्रेषित करेंगे और विद्यालयों के नोटिस बोर्ड पर छात्राओं के अवलोकनार्थ चस्पा करेंगे। इसमें सुझाव मांगे जाएंगे। दस अप्रैल तक सुझावों पर चर्चा होगी।
- विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर इंटर का रिजल्ट घोषित होने के बाद विद्यालयवार छात्राओं से संबंधित विवरण, छात्रा का नाम, पिता-माता का नाम, जन्मतिथि, आवंटित अनुक्रमांक, परीक्षाफल आदि विवरण हार्ड एवं साफ्ट कॉपी में एनआईसी के राज्यस्तरीय कार्यालय को दस जुलाई तक उपलब्ध कराएगा।
-जिलाधिकारी द्वारा समिति के माध्यम से गौरा देवी कन्याधन योजना के प्रावधानों का अनुपालन करते हुए आवेदन पत्रों को 15 अगस्त से पहले पात्रता के आधार पर स्वीकृति दी जाएगी।