हल्द्वानी। सुधार संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने रानीबाग स्थित चित्रशिलाघाट में विद्युत शवदाह गृह निर्माण की मांग को लेकर सोमवार को सीएम विजय बहुगुणा को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट आरडी पालीवाल को सौंपा। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि 10 दिन के भीतर विद्युत शवदाह गृह निर्माण की पहल शुरू नहीं हुई तो समिति चरणबद्ध आंदोलन करेगी।
रानीबाग चित्रशिलाघाट में गौला नदी किनारे शवों का दाह संस्कार होता है। इसी नदी से हल्द्वानी के लोगों की प्यास बुझती है। नदी के किनारे शव जलाए जाने से नदी का पानी ही नहीं बल्कि वायु प्रदूषण भी होता है। बता दें कि रानीबाग में विद्युत शवदाह गृह निर्माण की अर्से से कोशिश चल रही है लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य नहीं हो रहा है।
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विद्युत शवदाह गृह निर्माण को यह आए आगे
राहुल छिमवाल, एडवोकेट यशवंत सिंह, हेमंत बगड्वाल, कृपाल मेहरा, खजान पांडे, मोहन पाठक, अभिवन छिमवाल, विशंभर कांडपाल, जगमोहन चिलवाल, लाखन बिष्ट, जगमोहन बगड्वाल, कैलाश तिवारी, संजय बिष्ट, मयंक बिष्ट, प्रेम बिष्ट, वरुण बेलवाल, राजीव रावत, पप्पू बिष्ट, नवीन क्वीरा, त्रिलोक घुड़दौड़ा, नवीन दुर्गापाल, मनोज भंडारी, गणेश भंडारी, मनोज, विकास तिवारी, केदार पलड़िया, ललित बोरा, विक्की, सचिन, नवीन बिष्ट, दीपक शाह, नितिन बल्यूटिया, सुमित कुमार, प्रीतम बिष्ट, मो. गुफरान, सूरज प्रकाश, मनोज कुमार, अश्वनी आनंद और पवन आदि।
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शपथ ली
समिति संयोजक राहुल छिमवाल, जगमोहन चिलवाल और बिशंभर कांडपाल ने सिटी मजिस्ट्रेट को शपथ पत्र भी सौंपा। संयोजक मंडल पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मौत होने के बाद शवों का दाह संस्कार विद्युत शवदाह गृह में ही कराया जाए।
कोट
रानीबाग में विद्युत शवदाह गृह बनाने का प्रस्ताव नगर निगम ने शासन को भेजा है। प्रस्ताव शासन में लटका है। शहरी विकास निदेशालय ने नगर निगम से खुद के प्रयासों से विद्युत शवदाह गृह बनाने को हरी झंडी दे दी है। - आरडी पालीवाल, मुख्य नगर अधिकारी, नगर निगम