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प्रेरणास्रोत और ज्ञान का भंडार बनें शिक्षक

Nainital Updated Mon, 24 Mar 2014 05:33 AM IST
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हल्द्वानी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के बीएड ट्रेनीज की अभिप्रेरणा बैठक में भावी शिक्षकों को शिक्षण विधि के सैद्धांतिक, व्यावहारिक पहलुआें से अवगत कराया गया। उनसे प्रेरणास्रोत और ज्ञान के भंडार की कामना की गई।
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एमबीपीजी कालेज में रविवार को हुई बैठक का शुभारंभ करते हुए प्रो. आरएस रावत ने कहा कि आदर्श नागरिक के रूप में छात्र-छात्राओं को सही दिशा में मार्गदर्शन करना भी गुरुजनों की जिम्मेदारी है। शिक्षकों को अपने कर्तव्यों का इमानदारी से पालन करने को कहा। उन्होंने कहा, सूचना प्रौद्योगिकी के दौर में शिक्षण तकनीक समेत शिक्षा जगत की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। इनका सामना करने के लिए गुरुजनों को नवाचार के सहारे अपडेट रहना होगा। इग्नू समन्वयक डा. वाईसी सिंह ने शिक्षकों में संस्कारों के विकास को जरूरी बताया। कहा कि शिक्षक ज्ञान का भंडार और प्रेरणास्रोत होता है। इसलिए शिक्षक को आत्मज्ञानी होना चाहिए। कार्यक्रम अधिकारी डा. चंद्रावती जोशी ने स्लाइड शो के माध्यम से कोर्स के सैद्धांतिक, व्यावहारिक पहलुओं में कार्यशाला, एसाइनमेंट की प्रक्रिया बताई।
बैठक में डा. सविता भंडारी, डा. डीएस कुंवर, डा. प्रदीप भट्ट, डा. निम्मी पंत, डा. रेनू रावत, डा. माया जोशी, डा. हरेंद्र जोशी, डा. वीना मथेला, डा. मनोज पांडे, डा. संजीव सक्सेना, केडी परगांई, केसी पंत आदि मौजूद रहे।
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