हल्द्वानी। उपकारागार में बंद चार सजायाफ्ता वृद्ध कैदियों की फाइल वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने फिर मेडिकल बोर्ड को सौंप दी है। इनकी रिहाई के लिए मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट शासन में भेजी जाएगी।
उपकारागार में बंद चार कैदियों कुंती (76) पत्नी पान सिंह नैनीताल जिले के बेहरौली पट्टी मोना कोसा की रहने वाली है। उसे चार साल की सजा है। दूसरी रेवती (58) पत्नी जयदत्त नैनीताल जिले के पिनारू की है। ताराचंद बागड़ी (75) पुत्र जुगलाल हरियाणा प्रांत के बासदेवपुरा बिजनौर पंचकुला का है। अन्य कैदी खेदनलाल (73) पुत्र दुधई ऊधमसिंह नगर जिले के गोड़ा सितारगंज का रहने वाला है। चारों अवस्था के चलते चलने-फिरने में असमर्थ हैं। कुंती की आंख से कम दिखाई देता है। पिछले दिनों जेल का मुआयना करने आए प्रमुख सचिव गृह ने 70 से अधिक उम्र के कैदियों और 14 साल तक की सजा भुगत चुके लोगों की सूची शासन को भेजने के निर्देश दिए थे। बताया था कि इन लोगों की रिहाई शासन की पहल पर हो सकती है। इस मामले में चार कैदियों की सूची जेल से मेडिकल बोर्ड के पास भेजी गई। बोर्ड मेें शामिल संयोजक डॉ. मुन्नालाल, डॉ. अंकिता राजपूत (असिस्टेंट प्रोफेसर मेडिसिन, एसटीएच) डॉ. विमलेश शर्मा (नेत्र विभाग), अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एएम तिवारी और बेस अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. एसएस भारद्वाज ने कैदियों की स्थिति देखने के बाद बीमारी का जिक्र किया, लेकिन रिपोर्ट अधूरी रह गई है। इस मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या ने बताया कि चारों की स्थिति का विस्तृत वर्णन और राय के लिए फाइल फिर मेडिकल बोर्ड भेजी गई है। मेडिकल बोर्ड, जिलाधिकारी की अनुमति और पुलिस रिपोर्ट लगने के बाद शासन कैदियों को छोड़ने पर विचार कर सकता है।