नैनीताल। शासन की ओर से हड़ताली कलक्ट्रेट कर्मियों द्वारा अधिकारियों के कक्षों में तालाबंदी करने की सूचना मिलने के बाद मंगलवार को यहां स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। आनन-फानन में कलक्ट्रेट परिसर और कमिश्नरी में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया, लेकिन हड़ताली कर्मियों ने दिनभर तालाबंदी सरीखा कोई कार्यक्रम नहीं किया, जिससे प्रशासन ने काफी राहत महसूस की। कलक्ट्रेट के मिनिस्टीरियल कर्मी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर बीते 23 दिनों से हड़ताल पर हैं। बीते दिवस शासन को सूचना मिली कि 7 अक्तूबर को हड़ताली कर्मी कलक्ट्रेट में डीएम और अन्य अधिकारियों के कक्षों में तालाबंदी कर सकते हैं। शासन ने प्रशासन को निर्देश दिए कि किसी भी दशा में अधिकारियों के कक्षों में तालाबंदी न होने पाए। इसी को ध्यान में रखते हुए मंगलवार सुबह से ही कमिश्नरी, कलक्ट्रेट परिसर में पुलिस, पीएसी तैनात कर दी गई। इस दौरान एएसपी श्वेता चौबे, सीओ हरीश कुमार, कोतवाल टीआर वर्मा, तल्लीताल के एसओ संजय पांडे समेत मुक्तेश्वर, भीमताल आदि क्षेत्रों के एसओ भी तैनात रहे। इधर, हड़ताली कर्मियों ने रोज ही तरह कलक्ट्रेट परिसर में सभा की। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी पुनर्गठन, नायब तहसीलदार के सीधी भर्ती के पदों को 10 फीसदी मिनिस्टीरियल कर्मियों से भरे जाने व कर्मचारियों की शैक्षिक योग्यता स्नातक करने की मांग पूरी नहीं हो जाती हड़ताल जारी रहेगी। हीरा राम आर्या की अध्यक्षता में हुई सभा का संचालन प्रकाश चंद्र जोशी ने किया। सभा को गिरीश पांडे, जोगा सिंह बिष्ट, गौरव पांडे, कांता बल्लभ पाठक, चितरंजन रावत, पूरन तिवारी, शेखरानंद भट्ट, अल्का चौधरी, रेखा पांडे, मोहनी जोशी आदि ने संबोधित किया। इस बीच उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय कृष्ण कांडपाल ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर संगठन के पास तालाबंदी जैसे कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं थी।