हल्द्वानी। न्यायालय के आदेश की अवहेलना क्राफ्ट प्रशिक्षक और राजकीय संप्रेक्षण गृह के प्रभारी पर भारी पड़ गई। समाज कल्याण निदेशक ने प्रभारी को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच नैनीताल के जिला समाज कल्याण अधिकारी को सौंपी गई है।
कुलदीप सिंह उर्फ केडी निवासी मुड़िया मनी बाजपुर को 25 नवंबर 2013 को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत राजकीय संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध किया था। बंदी अवधि के दौरान 27 जनवरी 2014 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऊधमसिंह नगर ने केडी को हल्द्वानी जेल शिफ्ट करने का आदेश क्राफ्ट प्रशिक्षक/राजकीय संप्रेक्षण गृह के प्रभारी शंकर लाल को दिया था। बंदी कुलदीप का वारंट जेलर हल्द्वानी के नाम संबोधित था। इसके बाद भी बंदी को पुन: बाल सुधार गृह रुद्रपुर में ही रखा गया। न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और कर्मचारी आचरण नियमावली के विरुद्ध होने के कारण समाज कल्याण निदेशक वीएस धानिक ने शंकर लाल को निलंबित कर दिया है।
धानिक ने बताया कि शंकर लाल को जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। उन्होंने बताया कि नैनीताल के जिला समाज कल्याण अधिकारी जगमोहन सिंह कफोला को जांच सौंपी गई है। कफोला को एक माह के भीतर जांच रिपोर्ट देनी होगी।