नैनीताल। हाईकोर्ट ने हल्द्वानी गौला पुल के पिलरों के आसपास अवैध खनन किए जाने और इससे पुल को खतरा पैदा होने संबंधी जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद नियुक्त कोर्ट कमिशभनर को दो सप्ताह के भीतर सरकार की ओर से खनन सीजन के दौरान गौला पुल की स्थिति से संबंधित रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रविशंकर जोशी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि गौला पुल के पिलरों के आसपास खनन पर पूर्व में हाईकोर्ट की ओर से रोक लगाने के बावजूद वहां खनन कार्य जोरों से जारी है। पिलरों के आसपास खनन से पुल को हानि पहुंच रही है। पूर्व में कोर्ट ने एक सितंबर को इस प्रकरण पर सुनवाई के बाद कोर्ट कमिशभनर नियुक्त किया था कि वह वस्तुस्थिति से कोर्ट को अवगत कराएं। सोमवार को सुनवाई के दौरान नियुक्त कोर्ट कमिशभनर ने खनन से संबंधित अपनी प्रथम रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दो सप्ताह के भीतर सरकार की ओर से खनन सीजन के दौरान गौला पुल की स्थिति से संबंधित एक और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।