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डीआईजी ने भी माना, नशा बना चुनौती

अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी।  Updated Fri, 11 Aug 2017 02:04 AM IST
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DIG also admitted, making intoxication challenge - फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। जिले में स्मैक, चरस, शराब और हेरोइन की गिरफ्त में आ रही नई पीढ़ी पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। डीआईजी अजय रौतेला ने भी इसे बड़ा अपराध बताते हुए जन जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ के लोग भी स्मैक की गिरफ्त में आ गए हैं। यह गंभीर मामला है। नशे पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षकों को बड़ी भूमिका निभानी होगी। 
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बृहस्पतिवार को कैंप कार्यालय में पुलिस अधीक्षकों की बैठक में डीआईजी ने कहा कि पिछली कई घटनाओं में यह देखने में आया है कि युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में फंसता जा रहा है। हालांकि नैनीताल और ऊधमसिंह नगर की पुलिस ने कई नशेड़ियों और तस्करों को गिरफ्तार किया है लेकिन इतने भर से नशे को समाप्त नहीं किया जा सकता।

इसके लिए जमीनी स्तर पर प्रयास करने होंगे। बैठक में एसएसपी जन्मेजय खंडूरी, ऊधमसिंह नगर के एसएसपी सदानंद दाते, अल्मोड़ा की एसपी पी रेणुका देवी, पिथौरागढ़ के एसपी अजय जोशी, चंपावत के एसपी राम चंद्र राजगुरु और बागेश्वर के एसपी मुकेश कुमार मौजूद थे। 
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15 अगस्त और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर अलर्ट
डीआईजी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मद्देनजर हर जिले की पुलिस धार्मिक स्थानों और भीड़ वाले स्थानों की जांच करे। सोशल मीडिया के माध्यम जरिए फैलाई जाने वाली अफवाहों पर रोक लगाई जाए। गैंग बनाकर अपराध कर रहे लोगों पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की जाए। जेल से छूटने वाले अपराधियों पर भी नजर रखी जाए।

साइबर अपराध पर भी लगे अंकुश
डीआईजी ने कहा कि प्रचार-प्रसार के बावजूद लोग जालसाजों को अपने एटीएम कार्ड का नंबर और पिन नंबर बता रहे हैं। लाटरी के लालच में वे ठगे जा रहे हैं। जनता को जागरूक करने की जरूरत है। ठगों को पकड़ने के लिए रेंज की संयुक्त टीम का गठन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुुलिस को सभी बैंकों के सीसीटीवी और डीबीआर की जांच करनी चाहिए। यदि बाजारों में कहीं सीसीटीवी लगाने की आवश्यकता है तो वहां भी लगाए जाएं।
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