अब नैनीताल जिले में बहुत जल्द दो मेगावाट बिजली बनने लगेगी। लाभार्थी बिजली का प्रयोग करने के बाद शेष बची बिजली को पावर कारपोरेशन को बेच सकते हैं। उरेडा की ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट योजना के तहत छह लोगों को प्लांट का आवंटन कर दिया है। इनको छह माह के भीतर काम पूरा करना होगा। जबकि आठ लोगों को पंजीकृत किया गया है और स्थलीय निरीक्षण के बाद ही प्लांट का आवंटित किया जाएगा।
उरेडा ने सोलर पावर प्लांट को बढ़ावा देने के लिए ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट योजना शुरू की थी। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 70 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। प्रति किलोवाट प्लांट की कीमत 75 हजार रुपये है। लाभार्थी प्लांट से मिलने वाली बिजली का प्रयोग स्वयं करने के बाद शेष बिजली पावर कारपोरेशन को बेच सकता है। पावर कारपोरेशन से लाभार्थी को अनुबंध करना होगा। लाभार्थियों ने पावर कारपोरेशन से प्रति यूनिट बिजली देने के एवज में एक रुपये से लेकर 3 रुपये 83 पैसे की दर मांगी है। उरेडा के परियोजना अधिकारी संदीप भट्ट ने बताया कि छह लोगों को प्लांट का आवंटन कर दिया गया है। इनको छह माह के भीतर काम पूरा करना होगा। जबकि आठ लोगों का पंजीकरण किया गया है और स्थलीय निरीक्षण के बाद प्लांट का आवंटन किया जाएगा।
इनको हुआ आवंटन
ऑरम स्कूल सौ किलोवाट, यूनिवर्सल स्कूल 50 किलोवाट, लेक इंटरनेशनल स्कूल भीमताल सौ किलोवाट, मनमोहन एजुकेशनल सोसायटी नौकुचियाताल पांच सौ किलोवाट, मुकेश गोयल बैलपड़ाव पांच सौ किलोवाट, अंकुर त्यागी बैलपड़ाव पांच सौ किलोवाट।
इनका हुआ पंजीकरण
मदन जीना सुयालबाड़ी पांच सौ किलोवाट, अभिषेक मित्तल पीएसएन स्कूल लामाचौड़ बीस किलोवाट, दीपा ढौढ़ियाल कोटाबाग बारह किलोवाट, नरेंद्र सिंह कालाढूंगी बारह किलोवाट, लक्ष्मी दत्त जोशी कालाढूंगी छह किलोवाट, कुंदन सिंह कालाढूंगी छह किलोवाट, हरीश चंद्र छिम्वाल छह किलोवाट, लीला सनवाल छह किलोवाट।