पौड़ी। शिक्षक संगठनों के विरोध के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों के नए सिरे से वर्गीकरण के निर्देश दिए हैं। इससे उत्तरा प्रकरण के बाद अब शिक्षा विभाग में तबादलों पर संशय बना है। वहीं तबादलों का मामला कानूनी दांव पेच में भी उलझता जा रहा है। हरिद्वार के कुछ शिक्षक स्कूलों के वर्गीकरण में विसंगति का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। इसमें शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे को भी पार्टी बनाया गया है।
प्रदेश में शिक्षकों के तबादलों के लिए तबादला कानून के अनुसार कट ऑफ डेट 20 जून रखी गई थी। दस जून तक ऑनलाइन सूची तैयार होने के बाद 20 जून तक अनिवार्य और अनुरोध के आधार पर तबादले होने थे, लेकिन स्कूलों के वर्गीकरण में विसंगतियों के चलते मामला उलझता चला गया। हरिद्वार जनपद के कुछ शिक्षक तो इसके विरोध में हाईकोर्ट चले गए हैं। इन शिक्षकों का आरोप है कि क्षेत्र के दुर्गम स्कूलों को सुगम कर दिया गया है। इन शिक्षकों ने जनपद के शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ ही शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे को भी पार्टी बनाया है, जबकि अन्य जनपदों के शिक्षक संगठनों की ओर से भी कुछ स्कूलों के वर्गीकरण में विसंगति का आरोप लगाया गया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि दुर्गम और अति दुर्गम स्कूलों को सुगम दर्शाया गया है, जिससे शिक्षकों को वर्षों की दुर्गम स्कूलों में की गई सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह भी आरोप है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूलों के अंक बदल दिए हैं। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से गढ़वाल मंडल में हरिद्वार जनपद को छोड़कर मंडल के अन्य सभी छह जिलों में स्कूलों के नए सिरे से वर्गीकरण के निर्देश दिए गए हैं। अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट की ओर से हरिद्वार को छोड़कर मंडल के अन्य सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं। समझा जा रहा है कि बीमार शिक्षकों के अनुरोध के आधार पर कुछ तबादलों को छोड़कर यह सत्र शून्य तबादला सत्र घोषित हो सकता है।
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शिक्षक संगठनों की ओर से स्कूलों के वर्गीकरण को लेकर स्कूलों की एक सूची सौंपी गई है। इसमें कहा गया है कि इन स्कूलों का गलत वर्गीकरण हुुुआ है। गलत अंक देकर दुर्गम और अति दुर्गम स्कूलों को सुगम दर्शा दिया गया है। अधिकारियों पर भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अंकों में बदलाव किया है। इसके बाद हरिद्वार को छोड़कर सभी छह जनपदों के सीईओ को नए सिरे से स्कूलों के वर्गीकरण के निर्देश दिए गए हैं। -महावीर सिंह बिष्ट, अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा