पौड़ी। डीआईजी पुष्पक ज्योति ने अपने कार्यालय में तिरंगा फहराया और पत्रकारों के साथ वार्ता के बाद देहरादून रवाना हो गए, लेकिन जाते-जाते कह गए कि देहरादून व हरिद्वार की अपेक्षा पौड़ी में क्राइम कम है। उनका पौड़ी कम आना होता है, बावजूद इसके गढ़वाल परिक्षेत्र की प्रत्येक घटना पर वह स्वयं पैनी निगाह रखते हैं। ‘दून से चल रहा है पौड़ी का डीआईजी कार्यालय’ शीर्षक से 13 अगस्त को अमर उजाला ने समाचार भी प्रकाशित किया था।
तैनाती के बाद डीआईजी पुष्पक ज्योति 26 जनवरी 2017 को गणतंत्र दिवस की परेड के मौके पर पौड़ी पहुंचे। छह महीने से अधिक समय के बाद डीआईजी 14 अगस्त को सायं यहां पहुंचे और 15 अगस्त को अपने कार्यालय में तिरंगा फहरा कर वापस लौट गए। ध्वजारोहण के बाद कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पौड़ी में क्राइम बहुत कम है, जबकि देहरादून, हरिद्वार व कोटद्वार क्षेत्र में अपराध अधिक है। ऐसे में इन शहरों को अधिक समय देना पड़ता है।
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डीआईजी ने कहा कि गढ़वाल परिक्षेत्र के थाने मोबाइल एप के पोर्टल से कनेक्ट किए जाएंगे ताकि सत्यापन जैसी प्रक्रिया को तेजी से अमल में लाया जा सके। सतपुली की घटना पर उन्होंने कहा कि बेहद संवेदनशील घटना है। डेढ़ माह में दो बार दो संप्रदायों के बीच तनातनी के कारणों की सतही जांच की जाएगी और मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है और उन लोगों की पहचान कर रही है जो दो पक्षों को लड़ाने में भूमिका अदा कर रहे थे।