श्रीनगर। एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि के सहायक प्रोफेसर डा. आरएस फर्त्याल को लंदन की रॉयल एंटोमोलॉजिकल सोसाइटी (एफआरईएस) की उपाधि मिली है। डा. फर्त्याल का चयन 21 साल के महत्वपूर्ण शोध कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने पर हुआ है। उन्हें फैलोशिप मिलने पर गढ़वाल विवि के शिक्षकों और अधिकारियों ने खुशी जतायी है।
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रॉयल एंटोमोलॉजिकल सोसाइटी लंदन की ओर से गढ़वाल विवि के जंतु विज्ञान में कार्यरत डा. फर्त्याल को इस मई माह से फेलोशिप मिली है। वह गढ़वाल में 26 और कुमाऊं में 16 फल मक्खियों (ड्रोसोफिला)/फ्रूट फ्लाई की नई प्रजातियों की खोज कर चुके हैं। यह खोज विज्ञान जगत के लिए बिल्कुल नई है। डा. फर्त्याल गढ़वाल की ड्रोसोफिला की मॉलीक्यूलर टेक्सोनॉमी (आण्विकी वर्गीकरण) भी कर चुके हैं। उनके साथ होकाइडो विवि जापान के डा. एमजे टोडा और कूमिन विवि चीन के डा. जेजे गाओ इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इससे पहले डा. फर्त्याल को 2001 में होकाइडो विवि जापान में तीन माह की विजिटिंग प्रोफेसरशिप मिली थी। डा. फर्त्याल ने बताया कि नाम के आगे एफआरईएस जुड़ना कीट विज्ञान के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने विगत फरवरी माह में फेलोशिप के लिए आवेदन किया था। दो बार की स्क्रीनिंग के बाद सोसाइटी ने उनको एफआरईएस की उपाधि प्रदान की। अब तक 92 वैज्ञानिकों को यह उपाधि मिली है।