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अब विभागों के खिलाफ न्यायालय की शरण में जाएंगे मलेथा के ग्रामीण

देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jan 2019 10:02 PM IST
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श्रीनगर। कीर्तिनगर ब्लाक की एतिहासिक मलेथा गूल चार माह से क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिससे ग्रामीण खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। अब ग्रामीणों ने संबंधित विभागों के खिलाफ कार्रवाई करने, फसल की भरपाई और गूल की निर्माण की मांग के लिए कोर्ट जाने का निर्णय लिया है।
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ऑलवेदर रोड निर्माण के दौरान मलेथा गांव के झरने के पास 22 अक्तूबर 2018 को गांव की ऐतिहासिक गूल दो जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। देवेंद्र बलूनी ने बताया कि तब से एनएच लोक निर्माण खंड श्रीनगर की ओर से गूल का निर्माण कार्य करवाया जा रहा था। निर्माण पूरा होने के बाद ग्रामीणों ने खेतों की सिंचाई के लिए जैसे ही गूल पर पानी डाला गूल फिर से दूसरे स्थान पर क्षतिग्रस्त हो गई। अब ग्रामीणों की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है। उन्होंने बताया कि बारिश न होने से खेतों में बोई फसल सूखने के कगार पर है। प्रधान शूरवीर सिंह बिष्ट सहित ग्रामीण हरीश नेगी, सुरेंद्र नेगी, कुलदीप सिंह, संदीप भट्ट, वीरेंद्र राणा, संदीप सिंह, बलवीर सिंह, महिपाल राणा, धनपाल सिंह ने अब संबंधित विभागों के खिलाफ कार्रवाई करने, फसल की क्षतिपूर्ति और गूल निर्माण करने की मांग के लिए कोर्ट जाने की चेतावनी है। दूसरी ओर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता वीरपाल भट्ट ने बताया कि गूल के क्षतिग्रस्त भाग पर पानी की निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मोटे पाइप जोड़े जा रहे हैं। गूल क्षतिग्रस्त होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग लोक निर्माण खंड श्रीनगर को स्टीमेट भेजा गया है। किंतु बजट न मिलने से समस्या बनी है।
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