श्रीनगर। हिमालय बचाओ आंदोलन संगठन ने पहाड़ से पलायन व बेरोजगारी रोकने और काश्तकारों को दोबारा खेती से जोड़ने के लिए पहाड़ी किसानों को प्रोत्साहन देने की मांग की है। संगठन ने सिर्फ मैदानी किसानों और पूंजीपतियों को प्रोत्साहन देने पर आक्रोश जताया है।
हिमालय बचाओ आंदोलन के संयोजक समीर रतूड़ी ने यहां जारी बयान मे कहा कि पहाड़ की राजमा, सेब, मंडूवा, झंगोरा और दालों ने अपनी अलग पहचान बनाई है, लेकिन उचित मार्केटिंग नीति के अभाव में काश्तकारों को सही कीमत नहीं मिलती। ऐसे ही कोल्ड स्टोरेज न होने के कारण उत्पादन सुरक्षित नहीं रहता, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं देती है। रतूड़ी ने कहा कि पहाड़ की 34 सीटों के बावजूद सरकार पहाड़ में बस पूंजीपतियों के निवेश के तरीके ढूंढती है। जबकि सरकार को पहाड़ में खेती और जंगल बचाने में लगे काश्तकारों की आर्थिकी सुदृढ़ करने का काम करना चाहिए। जंगली जानवरों, पानी और अन्य कारणों से खेती छोड़ रहे काश्तकारों को दोबारा खेती से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।