पौड़ी। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर ने सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहला कदम वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की जन्मस्थली पीठसैंण में रखा था। वीरों की भूमि से तत्कालीन रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को दो टूक शब्दों में कड़ा संदेश दिया था।
देश ने सितंबर 2016 को पाकिस्तान के छद्म युद्ध का कड़ा जवाब देते हुए पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक की थी। सर्जिकल स्ट्राइक को कुछ ही दिन हुए थे। तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर परिकर के पीठसैंण पहुंचने का पहले से ही कार्यक्रम तय था, लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बाद उनके पीठसैंण नहीं आने की अटकलें होने लगीं, लेकिन गढ़वाल के प्रति परिकर का अगाध स्नेह रहा। इसके चलते वह निर्धारित समय पर वीरचंद्र सिंह गढ़वाली की जन्मस्थली पीठसैंण पहुंचे। इससे सैनिक परिवारों का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। पूर्व सैनिक व वीर नारियों को उन्होंने सम्मानित किया। उन्होंने पहाड़ के युवाओं को लंबाई में छूट दिए जाने का वादा भी किया। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा का अनावरण कर मनोहर परिकर ने कहा कि दुश्मन हमें कमजोर समझने की गलती न करे। हम घर में घुसकर मारना भी जानते हैं। उन्होंने कहा कि गढ़वाल वीरों की भूमि है। इस भूमि ने देश को अनेक वीर सपूत दिए हैं। इस धरती पर आकर वह स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों व वीर नारियों ने स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर परिकर को सम्मानित भी किया।