सश्रीनगर। पं. मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स एंड ट्रेनिंग योजना के तहत शिक्षा संकाय की ओर से शिक्षक-प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने शिक्षकों में सतत विकास के प्रति क्षमता निर्माण व भविष्य के प्रति सचेत होने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बुधवार को चौरास परिसर स्थित एकेडमिक एक्टिविटी सेंटर में छह दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। मुख्य अतिथि एनआईओएस के पूर्व निदेशक प्रो. कुलदीप अग्रवाल ने कहा कि हमें भविष्य के प्रति सचेत होने की आवश्यकता है। मौजूद गढ़वाल विवि के उच्च शिखरीय पादप कार्यिकी एवं शोध संस्थान के निदेशक प्रो. एआर नौटियाल ने कहा कि पर्यावरण एवं शिक्षा में समन्वय के साथ विकास के प्रति योजनापूर्ण तरीके से नीति बनाए जानी चाहिए। कार्यशाला के समन्वयक प्रो. पीके जोशी ने वर्तमान समय में सतत विकास में शिक्षकों के व्यावहारिक दृष्टिकोण को सकारात्मक बनाए जाने की बात कही। कार्यशाला के सह संयोजक डा.गीता खंडूड़ी ने सतत विकास के प्रति शिक्षा की महत्ता बताई। कार्यशाला आयोजक सचिव प्रो. सीमा धवन ने कार्यशाला की रूपरेखा सभी प्रतिभागियों के समक्ष रखी। संचालन आशु रौलेट ने किया। मौके पर डा. पवन कुमार, डा.ओपी शर्मा, डा. मोनिका गुप्ता, अनित कौर, डा. रमेश चंद्र राणा, डा. एसके लखेड़ा, अनूप कुमार, प्रियंका, प्रेरणा सेमवाल, संजीव कुमार, रामराज सिंह, अंचल नेगी, अतुल बहुगुणा, दीपक गिरी सहित विभिन्न राज्यों के शिक्षक प्रतिभागी मौजूद रहे।