पिथौरागढ़। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के नवयुवकों के लिए सेना में भर्ती के नियमों में बदलाव से यहां युवकों में रोष है। विरोध में इंकलाबी नौजवान सभा ने शनिवार को सांसद प्रदीप टम्टा का पुतला फूंका। साथ ही भर्ती नियमों को पूर्ववत नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
इंकलाबी नौजवान सभा के जिला प्रभारी सुशील खत्री के नेतृत्व में गांधी चौक में युवकों ने सांसद प्रदीप टम्टा का पुतला फूंक विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हिमालयी नीति पर मुखर आवाज उठाने वाले सांसद नौजवानों के भविष्य के मसले पर मौन हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के नौजवानों को फौज की भर्ती में कतिपय रियायत से उनके रोजगार की संभावनाएं अधिक होती थी। लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है। जिसके तहत अब अभ्यर्थी की ऊंचाई में पांच सेमी की बढ़ोतरी, हाईस्कूल में 45 प्रतिशत के बजाय 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता की गई है।
संगठन का कहना है कि भारत सरकार के नए नियमों से पहाड़ के बेरोजगारों पर बुरा असर पड़ेगा। पुतला दहन में प्रदीप तिवाड़ी, बलवंत भंडारी, संजय जोशी, सूरज सामंत, दिनेश चंद, दीपक नगरकोटी, संजय पाठक, पुष्कर चंद, राकेश सामंत, कृष्ण महर, मयंक भंडारी, महेश चंद आदि शामिल थे। संगठन ने भर्ती मानकों को पूर्ववत नहीं करने पर 21 नवंबर को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।