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आतंकवाद समाप्त करने को ठोस नीति बने

Pithoragarh Updated Tue, 08 Apr 2014 05:31 AM IST
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पिथौरागढ़। कश्मीर समस्या पर यहां आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। इसे लेकर दुनिया के किसी देश को कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। कहा गया कि कश्मीर में अलगाववाद और आतंकवाद बड़ी समस्या के रूप में उभर कर सामने आया है। इसे समाप्त करने के लिए ठोस नीति बनाने की जरूरत है।
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गोष्ठी में मुख्य वक्ता जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र दिल्ली के निदेशक आशुतोष ने कहा कि कश्मीर भारत का बहुत छोटा क्षेत्र होने के बावजूद हमेशा चर्चा और चिंता का विषय बना रहता है। इसकी वजह यह है कि पाकिस्तान लगातार कश्मीर में अपनी हरकतें करता रहता है। वह वहां पर अस्थिरता का माहौल बनाना चाहता है। उन्होंने कहा कि कश्मीर का पूरी तरह भारत में विलय हो चुका है लेकिन धारा 370 के कारण भ्रम की स्थिति बनी रहती है। इस तरह के भ्रम को समाप्त करने की जरूरत है। इससे पहले डा. गुरुकुलानंद कच्चाहारी, प्रधानाचार्य रेखा जोशी, धर्म सिंह रावत और हिंदू जागरण मंच के जिला उपाध्यक्ष सोनम पांडे ने दीप जलाकर गोष्ठी का उद्घाटन किया। गोष्ठी का संचालन विश्वास चंद्र भट्ट ने किया। इस मौके पर हरीश कुमार, विहिप जिलाध्यक्ष जगदीश पांडे, नवीन शर्मा, ललित पंत, प्रो. जीत सिंह ज्याला, शारदा विदुषी, मयूर नागी, महेश जोशी, गणेश भंडारी, सुमित, ललित, बलदेव समेत तमाम लोग उपस्थित थे। कश्मीर के मसले पर गोष्ठी में विस्तार से चर्चा हुई।
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