पिथौरागढ़। जुलाई में जब प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत धारचूला विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए तब लोगों को उम्मीद जगी थी कि शायद इस क्षेत्र में रुके हुए विकास कार्य आगे बढ़ेंगे। कम से कम शिक्षा की बदतर हालत में थोड़ा सुधार आएगा, लेकिन मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा की हालत अन्य स्थानों की तुलना में ज्यादा खराब है। लोक अधिकार मंच और भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री को ही ज्ञापन भेजकर इस हकीकत से अवगत कराने का प्रयास किया है।
लोक अधिकार मंच के अध्यक्ष रुद्रसिंह पंडा ने धारचूला तहसील के कुछ प्रमुखों स्कूलों में रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों का ब्योरा तैयार कर सीएम को भेजा है। जीआईसी उछैती में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान प्रवक्ता नहीं हैं। जीआईसी मवानीदवानी में गणित, विज्ञान पढ़ाने वाला कोई नहीं है। जीआईसी कोटापंद्रपाला में अंग्रेजी और गणित के प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। जीआईसी मदकोट में भी ठीक यही स्थिति है। राजकीय हाईस्कूल सेरा में तो हाईस्कूल की कक्षाओं को जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक पढ़ा रहे हैं। जीआईसी डोर में अंग्रेजी का प्रवक्ता लंबे समय से तैनात नहीं है।
भाजपा मुनस्यारी मंडल के अध्यक्ष कवींद्र देवली ने धारचूला विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने की मांग को लेकर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा गया है कि जब सीएम के विधानसभा क्षेत्र का यह हाल है तो अन्य क्षेत्रों की स्थिति के बारे में खुद सोचा जा सकता है।