पिथौरागढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो निर्मल भारत का संदेश 15 अगस्त को लालकिले से देश को संबोधित करते समय दिया था। प्रदेश में इसकी शुरुआत 25 सितंबर से हुई है लेकिन धारचूला तहसील के अत्यंत दूरस्थ पय्यांपौड़ी क्षेत्र के स्कूलों और गांवों में एक नौजवान ने एक अगस्त से ही बिना किसी अपील के स्वच्छता का अभियान चला दिया। एनएसएस के स्वयंसेवक जीवन ठाकुर ने पहले अपने गांव पय्यांपौड़ी में यह अभियान चलाया। उसके बाद उन्होंने आठ स्कूलों में जाकर बच्चों को सफाई के महत्व की जानकारी दी। करीब दो महीने की अवधि मेें स्कूलों और गांवों में सफाई का असर दिखने लगा है।
जीवन ठाकुर ने बताया कि उनकी पहली कोशिश यही है कि स्कूलों को नो पालीथिन जोन बनाया जाए। गांव के लोगों से अपील की गई कि अपने घर के आगे कूड़ादान बनाएं। कूड़े को दूसरे तीसरे दिन निस्तारित करें। निस्तारण के लिए कूड़े को जलाना एकमात्र उपाय है। जीआईसी पय्यांपौड़ी, जूनियर हाईस्कूल गटकुना, प्राथमिक स्कूल पय्यांपौड़ी, प्राथमिक स्कूल गटकुना, तल्ली पय्यां, फुलती, सरस्वती शिशु मंदिर पय्यांपौड़ी और जीआईसी बलुवाकोट में जाकर जीवन ठाकुर ने बच्चों को आधे घंटे तक सफाई के बारे में जानकारी दी। उनकी इस पहल का प्रधान बंशी राम, क्षेत्र पंचायत सदस्य किशन सिंह रैखोला, उपप्रधान पुष्कर सिंह बोरा, जीआईसी के प्रधानाचार्य एलएम जोशी आदि ने सराहना की है।