पिथौरागढ़ कालेज में आपदा पर आयोजित कार्यशाला में मौजूद विशेषज्ञ
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एलएसएम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भूगर्भ विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में कहा गया कि आपदा पीड़ितों को सबसे पहले साफ पानी उपलब्ध कराया जाए और यदि प्रभावित इलाके में पेयजल लाइन ध्वस्त होती हैं तो उनकी मरम्मत प्राथमिकता से की जाए। इस दौरान बस्तड़ी और केदारनाथ की आपदा की स्थितियों पर भी चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि जल निगम के अधिशासी अभियंता आरएस धर्मशक्तू ने कहा कि राज्य में कई छोटी-बड़ी पेयजल योजनाएं संचालित हो रही हैं। इन योजनाओं से हजारों लोगों की प्यास बुझती है। आपदा के समय अन्य तरह के नुकसान के साथ पेयजल योजनाओं को भी भारी क्षति पहुंचती है। पेयजल योजनाओं की मरम्मत को वरीयता में रखा जाना चाहिए। आयोजक सचिव डा. आरए सिंह ने बस्तड़ी और केदारनाथ आपदा के बाद लोगों के सामने पैदा हुई मुसीबतों की जानकारी दी। कहा कि आपदा से पूर्व और बाद की तैयारी ठोस तरीके से की जानी चाहिए।
विशिष्ट अतिथि रेडक्रास संस्था के सदस्य राहुल भट्ट ने आपदा से बचाव के लिए अपनाई जाने वाली तकनीकों की जानकारी दी। डा. सरोज वर्मा ने आपदा प्रबंधन से युवाओं को जोड़ने की जरूरत बताई। प्राचार्य डा. डीएस पांगती ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं को लगातार जारी रखा जाना चाहिए। इस दौरान प्राध्यापक डा. अतुल चंद, हर्षिता जोशी, सुनीता खोलिया, डा. जीसी पंत, डा. प्रेमलता पंत ने विचार रखे। संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष डा. अजय शुक्ल और अमृता पांडे ने किया।