भारत-नेपाल सीमा पर बहने वाली महाकाली से लगातार हो रहे खनन के कारण अब महाकाली का रुख भारत की ओर ज्यादा हो गया है। कानड़ी के पास तो नदी का स्पान (चौड़ाई) बहुत कम हो गया है। ऐसे में नेपाल के तस्कर आसानी से भारतीय क्षेत्र में घुस सकते हैं। विधानसभा चुनाव के लिए गठित उड़नदस्ता टीम ने सीमा क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद रिपोर्ट रिटर्निंग अफसर को दे दी है। आशंका जताई है कि जिन स्थानों पर नदी का स्पान कम हो गया है वहां से शराब और नकदी की तस्करी की जा सकती है।
15 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए नेपाल सीमा पर अभी से चौकसी बरती जा रही है। निगरानी और उड़नदस्ता टीम ने महाकाली के किनारे के इलाकों का दौरा करने के बाद बताया कि खनन के कारण महाकाली का रुख भारत की ओर ज्यादा हो गया है। कानड़ी के पास तो नदी का स्पान बहुत कम रह गया है। वहां पर से कोई भी अपराधी आसानी से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर सकता है। टीम ने गेठिगाड़ा, तालेश्वर, कानड़ी, सीमू, बलतड़ी का दौरा किया।
टीम का नेतृत्व कर रहे पुलिस उपनिरीक्षक पीसी मेलकानी ने बताया कि कानड़ी गांव के पास महाकाली के किनारे हो रहे खनन से नदी का रुख भारत की ओर हो गया है। इस कारण नेपाल में नदी के किनारे दूर तक रेत और रोड़ी के ढेर लगते जा रहे हैं। इस स्थान से नेपाल से भारत की ओर आसानी से आया जा सकता है। टीम में वन दरोगा बंशीधर पंत, कांस्टेबल जगदीश सिंह अधिकारी, होमगार्ड भूपेंद्र कुमार और कुंदन कुमार शामिल थे।
गश्त तेज करने को कहा
एसडीएम संतोष पांडे का कहना है कि जिन स्थानों पर नदी का स्पान कम हो रहा है वहां पर गश्त तेज करने को कहा गया है। एसएसबी से भी इस संबंध में संपर्क साधा गया है। राजस्व विभाग और पुलिस की टीम भी ऐसे स्थानों पर लगातार गश्त करेगी। उन्होंने कहा कि सतर्कता अभी से बरती जा रही है और चुनाव तक जारी रहेगी।