ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेेश। परमार्थ निकेतन की ओर से रेलवे स्टेशन ऋषिकेश में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान खुले में शौच न करने का संकल्प लिया गया। स्वामी चिदांनद ने नगर वासियों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की शुरूआत अपने मोहल्ले से करें। क्योंकि मोहल्ला बदलेगा तो मुल्क बदलेगा। उन्होंने हर दिन विश्व पृथ्वी दिवस मनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बृहद स्तर पर पौधरोपण कर इस दिवस को मनाएं।
सोमवार को पृथ्वी दिवस पर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ परमार्थ निकेेतन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, जीवा की अंतरराष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती, ऋषिकेश की मेयर अनिता ममगाईं, स्वामिनी अदित्या नंदा, अनिल शर्मा आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। इस दौरान रेलवे स्टेशन परिसर में स्वच्छता रैली व साफ सफाई व स्वास्थ्य के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए यहां की दीवारों और बैंचों पर शानदार पेंटिंग बनाई गई। इसमें छात्रों की ओर से राष्ट्रीय पुष्प, पशु, वृक्ष, सौरमंडल, नक्षत्रशाला, सूर्य और दिशाओं के ज्ञान आदि विषयों को चित्रित किया गया। इस मौके पर स्वच्छता से लोगों को जोड़ने के लिए स्वच्छता नारे, स्वच्छता बैनर, झंडे लेकर स्कूली छात्रों ने जन जागरण रैली निकाली गई।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर आए छात्र-छात्राओं व नागरिक जनों को संकल्प करवाया कि ‘हम सब मिलकर विश्व को खुले में शौच से मुक्त बनाएं’। मेयर अनिता ममगाईं ने कहा कि पृथ्वी को सबसे ज्यादा खतरा प्लास्टिक से हो रहा है। इसके प्रयोग से कई दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। इस बार पृथ्वी दिवस की थीम प्लास्टिक प्रदूषण की समाप्ति ही रखी गई है। प्लास्टिक ऐसा तत्व है जो नष्ट नहीं होता है और पृथ्वी की उर्वरा शक्ति को लगातार नष्ट करता है। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सभी से प्लास्टिक का प्रयोग न करने की अपील की। उन्होंने सभी को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प कराया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक रुद्राक्ष के पौधे का रोपण किया।