ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
एम्स से हटाए गए आउटसोर्स कर्मियों को वापस लेने व संस्थान में ग्रुप सी व डी के पदों पर स्थानीय लोगों को भर्ती के बाबत बीते कुछ दिनों से कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। इसमें कई लोग एम्स में नौकरियों में आरक्षण को लेकर अतार्किक बयानबाजी कर रहे हैं। एम्स संस्थान में ग्रुप सी व डी पदों पर 70 प्रतिशत आरक्षण की बात कही जा रही है। साथ ही एम्स में ग्रुप सी और डी के पदों पर उत्तराखंड के बेरोजगारों को 70 प्रतिशत आरक्षण मिलने की मांग की जा रही है। बृहस्पतिवार को यह बयान एम्स प्रशासन की ओर से जारी किया गया।
एम्स प्रशासन का कहना है कि सरकार की ओर से एम्स ऋषिकेश में ग्रुप डी का कोई पद ही सृजित नहीं किया गया है। जहां तक ग्रुप सी एवं बी के पदों की बात है इन पदों की भर्ती के लिए केंद्र सरकार का संस्थान होने के कारण एम्स में भारत सरकार के नियम लागू होते हैं। इसके अंतर्गत अभी तक केंद्र सरकार ने ऐसा कोई नोटिफिकेशन (सर्कुलर) जारी नहीं किया है। इसमें स्थानीय लोगों को आरक्षण देने का प्रावधान किया गया हो।
बता दें, 11 नवंबर वर्ष 2004 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी की सरकार ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों और घायल आंदोलनकारियों को सरकारी सेवा में 10 फीसदी आरक्षण के दो शासनादेश जारी किए थे। इनमें एक राज्य लोक सेवा आयोग की परिधि के बाहर के पदों के लिए और दूसरा राज्य लोक सेवा आयोग के पदों के लिए था। वर्ष 2018 में उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल ने राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी सेवा में क्षैतिज आरक्षण को असंवैधानिक घोषित कर दिया और वर्तमान में यह आरक्षण व्यवस्था लागू नहीं है।
एम्स प्रशासन के अनुसार भारतीय संविधान के वर्तमान प्रावधानों के अंतर्गत निवास के आधार पर आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है। भारत सरकार के संस्थानों में देशभर के विभिन्न राज्यों के निवासी आवेदन कर सकते हैं और नौकरी पा सकते है। यदि भारत सरकार ऐसा कोई प्रावधान करती है तो उसका पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
सोमवार तक टला बहाली का मामला
एम्स से निष्कासित कर्मियों की नियुक्ति का मामला अब सोमवार तक के लिए टल गया है। निष्कासित कर्मचारियों की बहाली को लेकर संघर्षरत दाताराम ने बृहस्पतिवार को एम्स प्रशासन को 44 कर्मचारियों की सूची सौंप दी है। इस पर एम्स प्रशासन ने अगले सोमवार तक विचार करने का समय दिया है।
दाताराम ममगाईं ने बताया कि वे बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे एम्स ऋषिकेश के उप निदेशक अंशुमन गुप्ता और अधीक्षण अभियंता पद स्थापना सुलेमान अहमद के पास सूची लेकर पहुंचे थे। अधीक्षण अभियंता को 44 निष्कासित कर्मियों की सूची सौंपी है। उप निदेशक और अधीक्षण अभियंता ने एम्स के निदेशक प्रो. रविकांत के मौजूद नहीं होने की बात कहकर सोमवार तक इंतजार करने को कहा है। निदेशक प्रो. रविकांत सोमवार को एम्स पहुंचेंगे। इसके बाद सूची पर विचार विमर्श किया जाएगा।
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दाताराम ममगाईं समेत दो लोग सूची लेकर मेरे पास आए थे। उनका तर्क था कि निष्कासित कर्मचारियों की बहाली के लिए एम्स प्रशासन की ओर से बीते सोमवार को आश्वासन मिला था। इस पर मैंने स्पष्ट किया कि इस आशय की जानकारी मुझे नहीं है। जिस अफसर ने आश्वासन दिया उसी से संपर्क करें।
-अंशुमान गुप्ता, डिप्टी डायरेक्टर, एम्स है