टिकट वितरण के बाद हरिद्वार जिले में कांग्रेस में उठे विरोध के सुर थामने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं कमान संभाली है। इसमें उन्हें काफी हद तक कामयाबी भी मिलती नजर आ रही है।
रुड़की विधानसभा सीट से टिकट न मिलने से नाराज मनोहर लाल शर्मा को मना लिया गया है। जबकि मेयर यशपाल राणा के तेवर भी ढीले पड़ते नजर आ रहे हैं। सीएम के हस्तक्षेप के बाद अब मेयर के चुनाव लड़ने की संभावना कम जताई जा रही है। हालांकि मेयर यशपाल राणा ने 25 जनवरी को अंतिम निर्णय लेने की बात कही है। झबरेड़ा सीट से सीएम से वार्ता के बाद तीन बार के विधायक हरिदास ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है वह हाथ के साथ रहकर उसे मजबूत करेंगे। लक्सर सीट से टिकट की दावेदार कर रहे ताहिर को भी मुख्यमंत्री ने मना लिया है। लक्सर सीट से ही टिकट न मिलने से नाराज अंतरिक्ष सैनी को सैनी समाज ने महापंचायत कर प्रत्याशी उतारने का निर्णय लिया था। लेकिन, इसमें भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा पदाधिकारी पर सैनी समाज ने दांव खेला है। इससे कांग्रेस को फायदा मिलने वाला है।
खानपुर विधानसभा में टिकट की होड़ में चौधरी यशवीर सिंह से पिछड़ने के बाद चौधरी राजेंद्र सिंह ने करीब-करीब समझौता कर लिया है। हालांकि उनकी ओर से अभी समर्थकों से वार्ता करने की बात कही जा रही है। इससे पहले सोमवार को सीएम ने बंद कमरे में बसपा नेता मुनीर आलम से दस मिनट तक वार्ता की थी। इसके बाद मुनीर ने सीएम के मुरीद हो गए और कांग्रेस ज्वाइन करने की घोषणा कर दी थी। ऐसे में एक के बाद एक बागियों को समझाने में मुख्यमंत्री काफी हद तक कामयाब हो रहे हैं। अब देखना यह है कि रूठे हुए दावेदार अंदरखाने क्या गुल खिलाते हैं।
समर्थकों संग बैठक की नहीं मिली इजाजत
खानपुर विधानसभा से टिकट न मिलने से नाराज चौधरी राजेंद्र सिंह को मंगलवार को समर्थकों के साथ बैठक की इजाजत नहीं मिल पाई। उन्होंने कहा कि टिकट नहीं मिलने से दुखी हूं। पुराने कांग्रेसियों को टिकट वितरण में दरकिनार किया है। लेकिन, पार्टी का सिपाही हूं। कांग्रेस के साथ रहूंगा।
खानपुर से कांग्रेस के टिकट को लेकर चल रही खींचतान में बाजी चौधरी यशवीर सिंह के हाथ लगी है। उसके बाद चौधरी राजेंद्र सिंह ने समर्थकों संग वार्ता कर आगे की रणनीति तैयार करने की बात कही थी। लेकिन, मंगलवार को इसके लिए निर्वाचन अधिकारी से इजाजत नहीं मिली। ऐसे में उन्होंने अब बुधवार को खानपुर की जनता से रायशुमारी की बात कही है। टिकट न मिलने से नाराज चौधरी राजेंद्र सिंह का कहना है कि हाईकमान के निर्णय से काफी दुखीं हूं। टिकट वितरण में पुराने कांग्रेसियों को दरकिनार कर बागियों को तरजीह दी गई है। उन्होंने खानपुर के अलावा लक्सर में तस्लीम और रुड़की में सुरेशचंद जैन को टिकट देने पर सवाल उठाए। खानपुर से चुनाव लड़ने के सवाल पर चौधरी राजेंद्र सिंह ने कहा कि मैं पांच साल तक जनता के बीच रहा हूं और क्षेत्र में कार्य किया है।